उरई। भिण्ड के कलेक्टर इलैया राजा टी ने अपने जिले की सभी रेत खदानों में मशीनों से हो रहे खनन के कारण रोक लगा दी है और सात बैरियर इसके लिए जिले के विभिन्न प्वाइंटों पर चैकिंग हेतु स्थापित करा दिये है। यह कार्रवाई भिण्ड में हुई है लेकिन परेशानी सबसे ज्यादा जालौन जिले के अधिकारियों को हो रही है। भिण्ड जिले में रेत की 21 खदानों पर यह रोक प्रभावी कर दी गई है। इनसे अभी तक रोजाना एक हजार से ज्यादा वाहनों में रेत परिवहन होता था। कलेक्टर ने कहा है कि प्रतिबंद्ध के दौरान खनन संचालकों को ईटीपी जारी नही की जायेगी और रेत से भरे वाहनों को पकड़े जाने पर अवैध खनिज परिवहन की कार्रवाई की जायेगी। गौरतलब है कि इलैया राजा की ईमानदारी के किस्से पूरे मध्यप्रदेश में चर्चित हैं। अटेर विधानसभा उपचुनाव के दौरान ईवीएम के मुददे पर चुनाव आयोग ने हटा दिया था तो भिण्ड में प्रदर्शन शुरू हो गये थे। बाद में राज्य सरकार को चुनाव आचार संहिता खत्म होते ही भिण्ड में उनकी दोबारा पोस्टिंग के लिए मजबूर होना पड़ा था। इलैया राजा ने अचानक रेत खदानों का निरीक्षण किया जहां मजदूरों की बजाय जेसीबी और पोकलैण्ड मशीनों से खनन होता पाया गया। इसके बाद उन्होंने सभी रेत खदानों पर रोक लगा दी। भिण्ड में हो रहे अवैध खनन से जालौन जिले के पुलिस अधिकारियों में खुशहाली छाई हुई थी जो मध्य प्रदेश से सैकड़ों की संख्या में ओवरलोड रेत भरकर ट्रकों को गुजारने के एवज में हर रोज लाखों रुपये वसूल रहे थे। रेत की दलाली की इस कमाई का बटवारा नीचे से ऊपर तक हो रहा था और सीएम योगी व डीजीपी सुलखान के ईमानदार राज से ज्यादा इस मामले में खुलकर खेलने का मौका कब मिल सकता था। लेकिन भिण्ड के कलेक्टर ने जालौन जिले के पुलिस तंत्र के अरमानों पर गाज गिरा दी। इसलिए आज पुलिस अधिकारियों के चेहरे पर जबर्दस्त मायूसी छाई रही।






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