
उरई (जालौन)। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने जब ऐलान किया कि 15 जून तक प्रदेश की सभी सड़कें गड्ढों से मुक्त हो जायेंगी। तो विगत ढाई दशक से मंड़ोरा-राजपुरा संपर्क मार्ग से यात्रा करने को विवश ग्रामीणों को यकीन हो गया था कि उनके गांव तक जाने वाली सड़क का भी डामरीकरण हो जायेगा। लेकिन अब 15 जून की तारीख आने में 48 घंटे शेष रहे तो ग्रामीणांे को फिर से निराशा ही हाथ लगी।
बताते चलें कि जिले के ग्रामीणांचल में दर्जनों सड़कें ऐसी हैं जो पूर्व के वर्षोें मंे बनायी गयी लेकिन आज उक्त सड़कों से डामर तो पूरी तरह से गायब हो चुका है। यदि सड़क पर कुछ दिखायी देती है तो वह उखड़ी गिट्टी ही सड़क की पहचान बनी हुयी है। ऐसा ही संपर्क मार्ग मंड़ोरा-राजपुरा का है जिस पर डामर का कहीं भी नामोनिशान नजर नहीं आता। जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि प्रदेश की सभी सड़कें 15 जून तक गड्ढों से मुक्त हो जायेंगी तो उक्त संपर्क मार्ग से आने जाने को विवश ग्रामीणों को उम्मीद की किरण नजर आयी थी। लेकिन सीएम द्वारा निर्धारित तिथि आने में 48 घंटे ही अवशेष बचे हैं। ऐसी स्थिति में क्षेत्रीय ग्रामीणों को जो आशा नजर आ रही थी वह भी धूमिल हो गयी। फिलहाल तो ग्रामीण उसी डामरविहीन संपर्क मार्ग से गंतव्य स्थान तक आने-जाने को विवश हो रहे हैं।







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