जालौन। सरकार के तमाम निर्देशों के बाद भी सरकारी कार्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है। भारत संचार निगम लिमिटेड के स्थानीय कार्यालय में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से उपभोक्ता परेशान हैं।  भारत संचार निगम लिमिटेड के स्थानीय कार्यालय में कर्मचारियों के साथ अधिकारियों की उपस्थिति कार्यालय में नहीं रहती है। जेटीओ, उपखंड अधिकारी आदि कार्यालय में महीनों उपस्थित नहीं होते हैं। कार्यालय में पदस्थ लिपिक से लेकर अधिकारी तक सभी लोग अपनी मनमर्जी के मालिक हैं। कब आऐंगे, कब चले जाऐंगे कब तक कार्यालय में बैठेंगे यह सब उनकी मर्जी पर निर्भर रहता है। कार्यालय में कर्मचारियों व अधिकारियों के न बैठने के कारण अव्यवस्थाऐं फैली हैं। जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। उपभोक्ता सिम कार्ड लेने, बिल जमा करने व नेट कनेक्शन के लिए कार्यालय जाते हैं किंतु वहां अधिकारियों अथवा कर्मचारियों के न मिलने पर परेशान होते हैं। जिसके चलते उपभोक्ताओं का भारत सरकार की इस कंपनी  से मोहभंग होता जा रहा है। उपक्रम के कार्यालय में फैली अव्यवस्थाओं से उपभोक्ता खासे परेशान हैं। जब इस संदर्भ में मंडल प्रबंधक के कार्यालय से संपर्क किया गया तो और उनकी प्रतिक्रिया लेनी चाही तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।

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