उरई । आज के समय में मीडिया की भूमिका विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुये पत्रकार मनोज दीक्षित ने कहा कि वह शासन प्रशासन से संबंधित खबरें हों या राजनीतिक दलों के नेताओं और समाजसेवियों तथा सेलेब्रिटीज से संबंधित खबरें, सच्चाई कहीं दूर पड़ी रहती है और अफवाहें आगे आकर उत्पात करने लगती हैं। ऐसे में अकेला प्रिंट मीडिया ही ऐसा माध्यम से है जो सबके सम्मुख प्रामाणिक सच्चाई रख सकता है व उत्पाती खबरों पर विराम लगा सकता है। इस संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार विनोद गौतम ने की। संचालन पत्रकार विजय द्विवेदी ने किया। इससे पूर्व पत्रकार डा. आरके मिश्रा तथा ओमप्रकाश उदैनिया ने मुख्य अतिथि श्री दीक्षित का स्वागत किया और आज के समय में मीडिया की भूमिका विषय पर विचार रखते हुये इलेक्ट्रानिक मीडिया तथा सोशल मीडिया द्वारा परोसी जा रही भ्रांतियों पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में भाजपा जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल, विधायक माधौगढ़ मूलचंद्र निरंजन, विधायक उरई-जालौन गौरीशंकर वर्मा, पूर्व विधायक दयाशंकर वर्मा, एमएलसी प्रतिनिधि आरपी निरंजन, नपा कोंच अध्यक्ष प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि बृजेश कुमार प्रजापति, शीलू गौतम एट, पत्रकार कानपुर पीयूष त्रिपाठी, सत्यपाल शर्मा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और शिक्षक नेता युद्धवीर सिंह कंथरिया ने विचार रखे और प्रिंट मीडिया को इलैक्ट्रानिक चैनल्स तथा सोशल मीडिया से अधिक विश्वसनीय बताते हुये कहा कि समाचार पत्रों की बिक्री और उनमें विज्ञापन प्रकाशित कराने के क्रेज में तनिक भी कमी नहीं आयी है। अपने अध्यक्षीय संबोधन में विनोद गौतम ने जहां अफवाहों को गरमाने में फेसबुक तथा वायरल किये जाने वाले असत्य वीडियोज को गंदी सियासत का नंबर एक हथकंडा बताया तो वहीं समाचार पत्रों में एक सी हैडिंग और मैटर को लेकर कहा कि प्रकाशित खबरों का रिमोट किसके हाथ में हैं और क्या अधिसंख्य समाचार पत्र एक ही घराने के हैं? संगोष्ठी को सफल बनाने में श्रमजीवी प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेश खरकया पत्रकार, राजेश द्विवेदी, सतेंद्र सिंह राजावत, राकेश बाथम, गोविंद सिंह, रविन्द्र, अनुज दीक्षित, पंकज पटेल, उपेंद्र सिंह राठौर, संजय गुप्ता ईटों, सुभाष पाठक बंगरा, देवेंद्र कौशिक पनयारा, जितेंद्र कुशवाहा कैलिया, पे्रमनारायण त्रिपाठी जगम्मनपुर, बृजेंद्र कुमार नदीगांव, सुरेश पांडेय कुठौंद, शिवकुमार कुशवाहा लौना, दुर्गेश कुशवाहा कोंच, हरीमोहन याज्ञिक, अशोक द्विवेदी प्रवक्ता, पवनदीप निषाद कालपी,बृजेश त्रिपाठी, सुधीर पाठक, अनुराग श्रीवास्तव जालौन, मुनीश शर्मा, डा. सिराज काजी, प्रियाशंकर नगाइच, संदीप अग्रवाल और सुनील श्रीवास्तव का भी योगदान रहा।







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