कालपी। वन विभाग की मिलीभगत के चलते दिन दहाड़े जंगल में हरे भरे पेड़ों का कटान जारी है। जिसके कारण जंगल में हरे भरे पेड़ों की संख्या लगातार घटती जा रही है। काटे गये पेड़ों की लकड़ी टैªक्टर ट्राली से लादकर पड़ोसी जनपद में भेजी जा रही है।
नगर के आसपास फैले जंगल में इन दिनों अवैध रूप से हरे वृक्षों को दिन दहाड़े काटा जा रहा है। ऐसा लगता है कि सुबह से लेकर शाम तक माफिया वृक्षों पर कुल्हाड़ी चलवाते है और लकड़ी को एक निश्चित स्थान पर डंप करते है। उसके बाद लकड़ी को टैªक्टरों में लादी जाती है और वन विभाग के इशारे पर टैªक्टर हाईवे व नगर के राजमार्ग से निकलते है। लकड़ी भरे टैªक्टर आम आदमी को तो दिखाई देते है लेकिन टैªैक्टर न तो वन विभाग को दिखाई देते है और न ही पुलिस को। इस अवैध कटान को रोकने व पर्यावरण को देखते हुए बीते मंगलवार को नगर के अंकुर व्यास, सुभाष द्विवेदी, डा. आशुतोष, शैलेन्द्र विश्वनोई, आदि ने एसडीएम को ज्ञापन भी दिया था। जिस पर एसडीएम सतीश चंद्र ने अवैध कटान पर अंकुश लगाने के निर्देश वन क्षेत्राधिकारी को दिए थे। लेकिन इसके बावजूद भी यह घोर धंधा चल रहा है।
उधर वनखंडी देवी के पीछे, जौंधर, इमिलिया, धमना, लुहरगांव, के जंगलों में नजर डाले तो एक भी छायादार वृक्ष नही दिखायी देते। जिसके नीचे बैठकर धूप व गर्मी से बचा जा सके। जबकि एक दशक पूर्व इन जंगलों में शीशम, जामुन, इमली, बरगद, पीपल, के बड़े-बड़े वृक्ष लगे थे जो लोगों को शीतलता प्रदान करते थे। लेकिन अवैध कटान व वन विभाग की मिलीभगत के चलते जंगल का नामो निशान मिट गया और जो पड़े बचे है उन पर भी संकट छाया है। वन क्षेत्राधिकारी राकेश सक्सेना ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर कार्यवाही की जाएगी।

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