उरई। लगभग एक सप्ताह पहले बर्खास्तशुदा सिपाही के अपने गांव में हुए ब्लाइंड मर्डर के मामले का अनावरण हो गया है। इस सिलसिले में गांव के पास के ही तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक  6 महिने पहिले पानी लगाने के विवाद में इनकी एक रिश्तेदार महिला से मृतक ने झूमा झटकी कर दी थी। जिसके कारण इन्होंने योजना बनाकर उसे रात में नलकूप पर सोते समय मार डाला।  पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई ने पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि गत 13/14 जून की रात कदौरा थाना के  ग्राम कानाखेड़ा में अपने नलकूप पर सो रहे कप्तान सिंह की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। कप्तान सिंह पहले पुलिस का सिपाही था। जिसे लगभग 20 वर्ष पहले बर्खास्त कर दिया गया था। तब से वह अपने गांव में ही रहता था। उसकी शादी नहीं हुई थी। फिर भी वह अपने पिता से अलग हो गया था और नलकूप पर ही रात बिताता था। ब्लाइंड मर्डर होने के कारण वारदात के खुलासे के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस मामले में तीन लोगों के नाम प्रकाश में आये। जिन्हें व्यूह रचना कर कदौरा पुलिस ने बुधवार को शाम पकड़ लिया।  पुलिस अधीक्षक ने गिरफ्तार आरोपियों के नाम जफर रजा उर्फ छोटे, जाकिर हुसैन और मुहम्मद जाबिर बताये हैं। उनके मुताबिक इनके पास से हत्या के समय प्रयोग की गई हीरो होण्डा बाईक और जिस कुल्हाड़ी डण्डे से इन्होंने वारदात को अन्जाम दिया था। उन्हें वरामद कर लिया गया है। तीनों मृतक के पड़ोस के चतेला गांव के निवासी हैं। जफर रजा की फूफी अमरूल खातून का खेत कप्तान सिंह के नलकूप के पास है। लगभग 6 महिने पहले पानी लगाने को लेकर हुए विवाद में कप्तान सिंह ने अमरूल खातून को वेइज्जद कर दिया था। आरोपी इसका बदला लेने की फिराक में रहे और नतीजे में उन्होंने कप्तान सिंह का मर्डर कर दिया।

Leave a comment