उरई। मोहल्ला बघौरा स्थित दलित संघर्ष मोर्चा के कार्यालय में जिलाध्यक्ष पंकज सहाय की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के नाम पर छोटे और फुटपाथी दुकनदारों को निशाना बनाये जाने पर आक्रोश जताया गया और इस कार्यवाही को उच्च न्यायालय की अवमानना करार दिया गया।  पंकज सहाय ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने फुटपाथी दुकनदारों को वैधता प्रदान करने का आदेश सरकार के लिए जारी किया था। जिसके उपरान्त यूपीए सरकार ने इस पर कानून बना दिया था। लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार और मौजूदा राज्य सरकारें इस कानून को अमल में नहीं ला रहीं है। जिला महासचिव नरेन्द्र प्रताप सिंह ने भी जिला प्रशासन की कार्यवाही की आलोचना की। जुझारू समाज सेवी भग्गूलाल बाल्मीकि ने कहा कि अगर फुटपाथी दुकनदारों का उत्पीड़न बन्द न हुआ तो दलित संघर्ष मोर्चा आन्दोलन करने के लिए बिवश होगा। बैठक में मुख्य रूप से राजकुमार, चन्द्रशेखर, कल्ले जाटव, प्रेमनारायण अहिरवार आदि लोग मौजूद रहे।

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