उरई। जिले में फैक्ट्री चलाने वाले उद्योगपतियों के चंदे से जनजीवन की बेहतरी का तानाबाना पहली बार जिला प्रशासन ने बुना है। आने वाले दिनों में अस्पतालों और स्कूलों को सुसज्जित करने के बड़े काम इसके जरिये दिखाई देंगे। साथ ही उद्योगपतियों के सहयोग से फोरलेन पर हरियाली की नई छटा भी दिखाई देगी। विभिन्न उद्योगों के टर्नओवर का तीन प्रतिशत सीएसआर के बतौर एकत्र किया जाता है तांकि इसके जरिये जन कल्याण के अभिनव कार्य कराये जा सकें। लेकिन अभी तक के अधिकारी सीएसआर के दिखाई देने वाले योगदान के लिए दिलचस्पी नही ले सके थे। पहली बार मौजूदा जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय ने लालच के घेरे को तोड़कर इस फंड से ऐसी पहल की है जिससे जिला प्रशासन और सरकार दोनों की ही छवि जनपद के जनमानस में निखरेगी। शुक्रवार की शाम उद्योगपतियों के साथ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जो खाका खींचा गया उसके मुताबिक हिंदुस्तान लीवर जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पंखें और एसी की व्यवस्था करेगा तो नीलगिरी द्वारा हर तहसील में शिक्षा के उन्ययन के लिए स्मार्ट क्लास रूम बनाकर दो विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति उनमें पढ़ाने के लिए की जायेगी। गोविंदम् ढाबे ने कालपी रोड पर फोरलेन पर शहर के इंट्री प्वाइंट पर हाईमास्क लाइट और शहर की तरफ स्ट्रीट लाइट लगवाने का जिम्मा लिया है। इसके साथ-साथ नीलगिरी गोविंदम् ढाबे से लेकर फोर लेन पर 8 किलोमीटर तक हरियाली के लिए 1000 पौधे सड़क के दोनों ओर लगवायेगा। इसमें पारदर्शिता के लिए पौधे लगाने हेतु अधिकारियों और पत्रकारों को आमंत्रित किया जायेगा। उधर पटेल वायर इंडस्ट्रीज चार आरओ और एक वाटर कूलर स्थापित करने में योगदान देगी। इस क्रम को आगे बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को जिले में संचालित सभी उद्योगों की सूची देने के लिए कहा है। बैठक में उद्योगों के प्रतिनिधि और मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह सहित कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

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