उरई। उमस भरी दुपरिया में डीएम का गांव-गांव पहुंचकर जन चौपाल के माध्यम से जाग्रति फैलाने का अभियान कठिन व्रत की तरह जारी है। अधिकांश अधिकारी आराम तलबी के गुलाम हो चुके हैं और दुपहरी एसी की हवा में सुकून से बिताना चाहते हैं लेकिन डीएम के अभियान ने उनको भी सर्दी गर्मी बरसात में लोगों के लिए भागकर उस नमक का हक अदा करने का पाठ पढ़ा दिया है। जो उन्हें सरकार से मोटे वेतन के रूप में मुहैया कराया जा रहा है। जिलाधिकारी नरेन्द्र शंकर पाण्डेय के गांव चलो अभियान का शुक्रवार को पड़ाव डकोर ब्लॉक के मड़ोरा गांव में रहा। गांव के लोग तो हर मौसम में खुले में रहकर काम करने के आदी हैं। लेकिन पसीने से तरबतर अधिकारियों को डीएम की चौपाल मन ही मन बहुत भारी पड़ रही थी।  जिलाधिकारी सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए शौचालय के महत्व के बारे में बताते हुए लोगों को कड़वी नसीहत देने वाले समाज सुधारक नजर आ रहे थे। उन्होंने लोगों से कहा कि आप लोग मोबाइल पर 20 हजार रूपये खर्ज कर सकते हैं, बाईक खरीदने के लिए 60 हजार रूपये फेंकने में आपको तकलीब नहीं होती तो शौचालय के लिए 12 हजार रूपये जेब से क्यों नहीं लगा सकते जबकि खुले में शौच करने से शरीर बीमारियों का घर बन जाता है। दरअसल स्वच्छ भारत अभियान के तहत आवंटित बजट अभी जिले को उपलब्ध नहीं हुआ है। इसके चलते कहीं शौचालय निर्माण की गति बाधित न हो जाये सो डीएम गांव-गांव जाकर लोगों को अपने खर्च से तत्काल शौचालय बनाने के लिए प्रेरित कर रहे है। हालांकि बाद में बजट आने पर लोगों को इसका भुगतान मिल जाना है।  मड़ोरा में वृहत स्कूल- अस्पताल कैम्पस है जिसमें आज तक एक भी पेड़ नहीं लगा है। कैम्पस में हरियाली के आच्छादन की नींव रखते हुए डीएम ने आज यहां छायादार वृक्षों के तीन पौधे रोपे। डीएम के साथ मुख्य विकास अधिकारी एस पी सिंह, डीडीओ श्रीकृष्ण पाण्डेय और परियोजना निदेशक चित्रसेन सिंह सहित कई विभागाध्यक्ष मौजूद थे।  डीएम ने मरोड़ा में पेयजल संकट के निवारण के लिए उद्योगों से मिलने वाले कल्याणकारी फण्ड में से यहां के लिए ओवर हेड टैंक के निर्माण हेतु 90 लाख रूपये मंजूर करने की घोषण की। साथ ही कहा कि इस महीने के अंत तक यहां कि पेयजल परियोजना का शिलान्यास कर दिया जायेगा।

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