0 चुनावी कार्यों के बहिष्कार पर आमादा शिक्षकों ने नहीं लिया प्रशिक्षण, दिया ज्ञापन

कोंच-उरई। मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में बतौर बीएलओ लगाये गये पूर्व माध्यमिक शिक्षकों ने इस काम को जबरिया थोपा हुआ बताते हुये यह कार्य नहीं करने का फैसला ले लिया है जबकि प्रशासन इसे शिक्षकों की हठधर्मी बताते हुये इनके खिलाफ कार्यवाही की बात कह रहा है। इन शिक्षकों के गुजरे कल और आज तहसील में लगे प्रशिक्षणों का भी बहिष्कार कर दिया है और अपनी मांगों के समर्थन में एसडीएम सुरेश सोनी को ज्ञापन भी दिया है। शिक्षकों के इस कदम के बाद उनके और प्रशासन के बीच टकराव के पूरे आसार बन गये हैं।  चुनाव समेत अन्य सरकारी कार्यों में लगाये गये पूर्व माध्यमिक शिक्षकों ने हाथ खड़े कर दिये हैं। इतना ही नहीं, शुक्रवार को होने बाले बीएलओ प्रशिक्षण का भी शिक्षक संघ ने बहिष्कार कर दिया है, उन्होंने कहा है कि वे अब केवल शिक्षण कार्य ही करेंगे, अन्य किसी भी तरह के कार्य बिल्कुल नहीं करेंगे। उत्तरप्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ब्लॉक कोंच के शिक्षक आज एसडीएम से मिले और कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर कहा है कि वे अब आर्थिक गणना, मतदाता नामावली को पुनरीक्षण करने एवं अन्य सर्वेक्षण कार्य नहीं करेंगे, उन्हें इस ड्यूटी से मुक्त किया जाये। गौरतलब यह भी है कि आज भी इन शिक्षकों को बतौर बीएलओ प्रशिक्षण लेना था लेकिन उन्होंने इस प्रशिक्षण का बहिष्कार कर दिया। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष संजय सिंघाल, राजेन्द्र भारद्वाज, आनंद यादव, लक्ष्मीनारायण निरंजन, सुनील निरंजन, मनीष भदौरिया, लालजी निरंजन, नम्रता परमार, केके यादव, साकेत सेठ, आरतीदेवी, प्रिया, सीमा गुप्ता, नीतूसिंह, शीलू अग्रवाल, नगमा शम्स, साधना सहित दर्जनों शिक्षक मौजूद रहे। इधर, प्रशासन का रुख भी टेढा है। तहसीलदार भूपाल सिंह ने कहा है कि शिक्षक कोर्ट के आदेश निर्देश की गलत व्याख्या कर रहे हैं, उन्होंने कहा है कि आदेश में कहा गया है कि जनगणना व चुनाव संबंधी कार्यों के इतर अन्य कार्य शिक्षकों से न कराये जायें। उन्होंने दो टूक कहा कि यह कार्य इन्हें करना ही पड़ेगा अन्यथा इनका वेतन रोकने की कार्यवाही की जायेगी।

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