उरई (जालौन)। केंद्रीय चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा को पेड न्यूज के मामले में दोषी पाए जाने पर उनकी विधानसभा सदस्यता को शून्य करार देते हुए उनके आगामी तीन वर्षों तक चुनाव लडने पर रोक लगा दी है। देश के इतिहास में यह पहली बार घटना घटी है। जब चुनाव आयोग ने पेड न्यूज के मामले में दोषी पाए जाने पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री पर कठोर कार्रवाई की है। इस संदर्भ में विभिन्न दलों के नेताओं, एडीआर तथा समाजसेवियों ने चुनाव आयोग के इस निर्णय को लोकतंत्र को मजबूत करने वाला बताया है।
सीपीआई के प्रांतीय नेता कैलाश पाठक ने कहा कि पहली बार चुनाव आयोग ने दिखा दिया है कि कोई कितना भी ताकतवर क्यों न हो, चुनाव आयोग जब सख्ती करेगा तो सभी बड़ी मछलियां फंस जाएगी। बुंदेलखंड आपदा निवारक मंच के संयोजक रामकृष्ण शुक्ला ने कहा कि भ्रष्ट नेताओं, धन्नासेठों ने लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रहे हैं। चुनाव में खुलेआम करोड़ रुपए खर्च होते हैं। जबकि उनके चाटर्ड एकाउंटेंट सिर्फ 28 लाख की सीमा में ही दिखा देते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी और उनकी टीम की इस निष्पक्ष निर्णय की जितनी तारीफ की जाए, वह कम है।
पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि इस निर्णय से गरीब व ईमानदार प्रत्याशियों के भी चुनाव लडने की राह आसान हुई है। एडीआर के मुख्य समन्वयक संजय सिंह ने कहा कि एडीआर व यूपी इलेक्शन वाच लंबे समय से मतदाताओं को जागरुक करने का काम कर रहा है। चुनाव आयोग का यह फैसला सच्चे लोकतंत्र की ओर एक मजबूत कदम है। वरिष्ठ पत्रकार केपी सिंह ने कहा कि पेड न्यूज जिसे कलम की वैश्यावृत्ति कहा जा रहा था। अरसे बाद चुनाव आयोग ने यह जो साहसिक कदम उठाया है। इससे पेड न्यूज पर रोक लगेगी तथा नेतागण जो यह सोचते है कि वे अपने पावर व पैसे के बल पर कुछ भी कर लेंगे। उस पर भी लगाम लगेगी।
उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएश (उपजा) के प्रदेश अध्यक्ष दीपक अज्निहोत्री ने कहा कि जो नेता व प्रत्याशी अपने पावर व धनबल तथा गनबल के दम पर लोकतंत्र को मजाक उड़ा रहे थे। यह उन पर चुनाव आयोग का कठोर निर्णय एक करारा तमाचा है। इससे लोकतंत्र मजबूत होगा। प्रदेश अध्यक्ष ने चुनाव आयोग से मांग की है कि विधानसभा, लोकसभा व विधान परिषद के अलावा जिला पंचायत तथा स्थानीय निकाय चुनाव में भी होने वाले अधाधुंध खर्च की जांच करें तथा दोषियों के खिलाफ इसी तरह कठोर कार्रवाई करें। एडीआर झांसी के जिला संयोजक व पत्रकार महेश पटैरिया ने कहा कि धनबल, बाहुबल, व गनबल के चलते इन नेताओं ने लोकतंत्र को असहाय बनाने का काम किया है। ये निर्णय उनका ठीक करने का काम करेगा।
जालौन जिले के एडीआर संयोजक व प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य शशि शेखर दुबे, रामकुमार जादौन ने चुनाव आयोग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह का निर्णय लोकतंत्र को और मजबूत करेगा। गांधी महाविद्यालय के प्रोफेसर डा. राकेश नारायण द्विवेदी ने कहा कि धनबली, गनबली व बाहुबली प्रत्याशियों के कारण गरीब व ईमानदार लोग जो चुनाव से दूर होते गए। इस तरह के निर्णय से लोकतंत्र को मजबूत करेंगे तथा ईमानदारों में एक नई आशा भी भरेंगे। बशर्ते चुनाव आयोग इसी तरह कठोर कार्रवाई आगे भी करता रहे।
अनिल शर्मा
प्रदेश समन्वयक
एडीआर
यूपी इलेक्शन वाॅच

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