साड़ी बेचने के बहाने देते थे वारदात को अंजाम
एसपी ने टीम को दिया पांच हजार का पुरस्कार
उरई। साड़ी बेचने के बहाने में ट्रेन व बसों में चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय चोर गिरोह को आज जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया। पांच सदस्यीय इस गिरोह से जीआरपी ने तीन लाख रुपए के जेवरात भी बरामद किए। पकड़े गए दो आरोपी उत्तराखंड के हैं। जीआरपी टीम की इस सफलता पर एसपी जीआरपी ने टीम को पांच हजार रुपए ईनाम की घोषणा की है।
पुलिस अधीक्षक जीआरपी झांसी परिक्षेत्र डा. ओमप्रकाश सिंह व पुलिस उपाधीक्षक शरद प्रताप सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मुखबिर की सूचना पर उरई रेलवे स्टेशन कानपुर की तरफ बने सिज्नल आफिस के पास पांच लोग संदिग्ध हालत में दिखाई दिए। पुलिस को देखकर यह लोग भागने लगे। लेकिन जीआरपी थानाध्यक्ष हरिशंकर, क्राइम ब्रांच प्रभारी संजय कुमार सिंह, एसआई राजा भइया, जगदीश प्रसाद, कांस्टेबिल कमलेश कुमार, अजमत उल्ला, रामनरेश, संजीव मिश्रा ने घेराबंदी करके मोहम्मद शकील पुत्र अकलीम खां निवासी मजरा अक्का भीकनपुर थाना भोजपुर जनपद मुरादाबाद, आबिद अली पुत्र फत्तन निवासी शाहपुर थाना भोजपुर जनपद मुरादाबाद,मोहम्मद कासिम पुत्र रफीक निवासी हमीदाबाद थाना विलासपुर जनपद मुरादाबाद, नईम पुत्र कलुआ निवासी कुंडा चैराहा जनपद ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड), इकरार पुत्र जमील निवासी कुंडा थाना कुंडा जिला ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से जीआरपी थाना झांसी एवं जीआरपी थाना उरई के क्षेत्र से चोरी गए सोने चांदी के तीन लाख रुपए के जेवरात बरामद कर लिए। आरोपियों ने पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के आठ मोबाइल भी बरामद किए हैं।
थानाध्यक्षजीआरपी हरिशंकर ने बताया कि यह अंतर्राज्जीय गिरोह है। इसका सरगना अकील पुत्र अकलीम निवासी मजरा अक्का भीकनपुर जिला मुरादाबाद है। यह गिरोह ट्रेन व बसों में भीड़भाड़ वाली जगह में साड़ी बेचने के बहाने घुस जाते और मौका पाकर लूटपाट कर लेते। पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी है। गिरफ्तार करने वाली टीम को पुलिस अधीक्षक डा. ओमप्रकाश सिंह ने पांच हजार रुपए पुरस्कार देने की घोषणा की है।

 

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