उरई। जनपद के फौजदारी के जाने-माने अधिवक्ता बाबू हरनाथ सिंह नहीं रहे। बाबू हरनाथ सिंह की गिनती कानूनी मामलों के असाधारण विद्वान के रूप में थी। वे डीजीसी भी रह चुके थे।  उनके निधन को अधिवक्ताओं ने जनपद के लिए अपूर्णीय क्षति बताया।  उनके परिजनों ने बताया कि बाबू हरनाथ सिंह को रात में अचानक सीने में तेज दर्द उठा। उन्हें आनन फानन जिला अस्पताल लाया गया। जहां डाक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। सूत्रों ने बताया है कि वे लम्बे समय से मधुमेह के शिकार थे। लेकिन आखिरी समय तक इसके अलावा उन्हें कोई और बड़ी समस्या नहीं थी। गत मंगलवार को तो वे रूटीन में कोर्ट भी आये थे।

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