कोंच-उरई। दैनिक शाश्वत टाइम्स के प्रधान संपादक मनोज दीक्षित ने पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रहीं विद्रूपताओं को लेकर कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता के क्षेत्र में जोखिम बढते ही जा रहे हैं। एक तरफ जहां समाज, राजनीति या अन्य क्षेत्रों में व्याप्त बिडंबनाओं के खिलाफ एक कलमकार को अपनी ऊर्जा खर्चनी पड़ती है तो वहीं दूसरी तरफ पत्रकारिता के क्षेत्र में भी आ रहीं विद्रूपताओं और कुसंस्कारों के चलते पत्रकारिता की धूमिल हो रही छवि को साफ सुथरा और जबाबदेह बनाये रखने के प्रति भी एक पत्रकार को काफी दुश्वारियों से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रहीं इन विकृतियों को रोकने की भी नैतिक जिम्मेदारी पत्रकारों की ही है। यह बात उन्होंने यहां कोंच के जवाहर नगर में मौजूदा दौर में पत्रकारिता की चुनौतियां व समाधान विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुये बतौर मुख्य अतिथि कही। प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रियाशरण नगाइच की अध्यक्षता, शाश्वत टाइम्स के प्रधान संपादक मनोज दीक्षित के मुख्य आतिथ्य तथा विधायक मूलचंद्र निरंजन, एसडीएम सुरेश सोनी, पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया, भाजपा नगर अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, पत्रकार ब्रजेन्द्र मयंक, कोतवाल सत्यदेव सिंह आदि के विशिष्ट आतिथ्य में संयोजित इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में गैर पत्रकार आमंत्रित गणों सांसद प्रतिनिधि अनुरुद्ध मिश्रा, सुनीलकांत तिवारी, राजेन्द्र द्विवेदी, अमित उपाध्याय, संजय सिंघाल, डॉ. प्रदीप गर्ग, संजय चैधरी आदि ने बेबाक कहा कि जिस दिन मीडिया को लोकतंत्र से अलग कर दिया जायेगा उसी दिन लोकतंत्र की मृत्यु हो जायेगी। पत्रकारों रमेश तिवारी, पुरुषोत्तमदास रिछारिया, उपजा अध्यक्ष अंजनी श्रीवास्तव, अनुज कौशिक, ज्ञानेन्द्र सेठ, अभिनव सरकार आदि ने अपने नये पुराने और खट्टे मीठे अनुभवों को शेयर करते हुये कहा कि समय के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कुछ अच्छे तो कुछ बुरे बदलाव आ रहे हैं और इन बदलावों के साथ बहुत ही चुनौतीपूर्ण माहौल में काम करना होता है। भले ही मीडिया जगत में तमाम गलत लोगों का प्रवेश हो रहा है और पत्रकारिता पर सवाल भी उठते हैं लेकिन इन दुश्वारियों के बाबजूद वे समाज, ब्यूरोक्रेसी और राजनीति में व्याप्त गंदगी के खिलाफ अपनी धारदार कलम से समाज को नई दिशा देने में लगे हैं। संचालन राजीव रेजा ने किया। आभार मुनीश शर्मा ने ज्ञापित किया। इस दौरान मोहम्मद अफजाल खान, काजी जाहिद, हाजी सेठ नसरुल्ला, नरेश वर्मा, अशोक गुर्जर, महेन्द्र सोनी, डॉ. सरोज लोहिया, राहुल राठौर, हरीमोहन याज्ञिक, सनी मंसूरी, अनुज दीक्षित, जितेन्द्र सोनी, पुष्पेन्द्र दुवे, काजी सिराज, मयंक अग्रवाल, मंगल अग्रवाल, अरविंद दुवे, संदीप अग्रवाल, करुणानिधि शुक्ला, संतोष सोनी, ऋषि झा, पवन अग्रवाल, किशोरीलाल शिवहरे सहित तमाम लोग मौजूद रहे।







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