कोंच-उरई। समर्पण जन कल्याण समिति के तत्वाधान में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्षों/प्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, स्वैच्छिक संगठनों व शिक्षाविदों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन ब्लाक संसाधन केन्द्र/बीआरसी कोंच में खंड शिक्षा अधिकारी अजित कुमार की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। बेहतर शिक्षा हक अभियान के समन्वयक ने विगत अक्टूवर 2016 से जून 2017 तक के कार्यक्रमों को विंदुवार प्रस्तुत करते हुये बताया कि कोंच ब्लॉक के ग्राम घमूरी व खैरी तथा नदीगांव ब्लॉक के देवगांव, चटसारी व सलैया बुजुर्ग के प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति ठीक नहीं है, खासतौर पर ड्राप आउट की स्थिति विद्यालय विकास योजना निर्माण में विद्यालय प्रबंध समितियों की नकारात्मक भूमिका काफी अहम् है। इस मौके पर विद्यालय प्रबंध समितियों की प्रोफाइल की जानकारी दी गयी, साथ ही बेसिक शिक्षा परिषद् के विद्यालयों की स्थिति में बदलाव लाने के लिये सभी स्टेक होल्डरों की सकारात्मक भूमिका की आवश्यकतायें सम्मिलित की गईं। समर्पण के कार्यक्रम निदेशक राधेकृष्ण ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित बेसिक विद्यालयों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के द्वारा बाल अधिकार एवं उनके विकास के लिये मिलजुल कर काम करने की आवश्यकता है। शिक्षाविद् डॉ. मृदुल दांतरे ने कहा कि सामुदायिक मोविलाइजेशन, एसएमसी चुनाव पूर्व एवं चुनाव में सहयोग करने, विद्यालय विकास योजना बनाने व मिलकर पैरवी करने में सभी को जागरूक व सक्रिय होना पड़ेगा। उन्होंने पुरानी और नई शिक्षा पद्यति के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत को रेखांकित किया तथा चुनौतियों को स्वीकार करने के लिये शिक्षकों को अपनी भूमिका का निर्वहन करने की नसीहत दी। चिकित्सक एवं कवि डॉ. हरिमोहन गुप्त ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये समाज के युवाओं को नेतृत्व करने, बुजुर्गों को मार्गदर्शन देने तथा महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया व पैरवी से जुडने का आहवान किया। फिया संस्था की इंटरनेट साथी कार्यक्रम की स्टेट लीड शिवानी श्रीवास्तव ने स्वैच्छिक संस्थाओं, जनसंगठन, पंचायतों एवं विद्यालय प्रबंध समितियों को मिलकर काम करने की आवश्यकता बताई। संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे खंड शिक्षा अधिकारी अजित कुमार यादव ने इस प्रकार की संगोष्ठियों को परस्पर अनुभवों का आदान प्रदान करने व आगे की रणनीति बनाने का अवसर सुलभ करने का बेहतर मंच बताया। ग्राम खैरी, घमूरी व चटसारी के विद्यालय प्रबंध समितियों को प्रशिक्षण देने की जरूरत पर बल दिया गया। डॉ. भीमराव अंवेडकर सेवा समिति के सचिव अरविंदकुमार पहारिया, बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के नंदकुमार, प्रदीपकुमार सिंह, सूर्यदीप सोनी, मुकेशकुमार, ऋषि झा ने भी विचार रखे।

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