उरई। कल तक क्राइम ब्रांच की टीमों के गुडवर्क के गुणगान के लिए पत्रकार वार्ताएं आयोजित हो रही थी आज उन्हीं को निकम्मा बताकर भंग कर दिया गया। इनसे संबद्ध 10 सिपाही एक साथ लाइन हाजिर कर दिये गये। पुलिस विभाग में अधिकारियों ने इतनी जोरदार पलटी खाई कि बाबा रामदेव के योगासन भी उनकी अदा के आगे फेल नजर आये। पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई ने क्राइम ब्रांच की स्वाट और सर्विलांस टीमों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इस सिलसिले में जारी आदेश में आरोप लगाया गया है कि इन टीमों का गठन चोरी, नकबजनी, वाहन चोरी और अन्य संगठित अपराधों के खुलासों के लिए थानों को सहयोग देने हेतु किया गया था। लेकिन उक्त टीमें इस विश्वास पर खरी उतरने में नाकाम रहीं। विपर्यास यह है कि सर्विलांस और स्वाट टीमों के सहयोग से चोरी की दर्जनों मोटर साइकिलें पकड़ने के साथ-साथ कई अन्य खुलासों का बखान स्वयं पुलिस अधीक्षक कल तक पत्रकार वार्ताओं में कोई विभागीय फंड न होने के बावजूद मीडिया कर्मियों को लजीज नाश्ता पानी के साथ करते रहे थे। आज वही टीमें उन्हें नालायक महसूस हुईं। एसपी अपने विभाग के मुखिया हैं इसलिए वे बेहतर तरीके से अपने सहयोगियों को परखना जानते होगें। उनके फैसले पर कोई आपत्ति करना गैर के लिए अनधिकार चेष्टा होगी लेकिन एक ही दिन में अपनी टीमों के बारे में कई दिनों के मूल्यांकन को बदलने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ा। इसके पीछे क्या कारण रहे यह शोध का विषय अवश्य है। हाजिर किये गये पुलिस कर्मियों में सर्विलांस टीम के शुएब आलम, गौरव बाजपेयी, जगदीश चंद्र, कुलभूषण यादव और चरण सिंह व स्वाट टीम के रवि भदौरिया, मनोज कुमार, सत्येंद्र कुमार, नीतू सिंह और कर्मवीर सिंह शामिल हैं।

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