उरई। झांसी मंडल में अवैध वेंडरों की गूंज उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय तक पहुंच गई। मुख्यालय से आई आरपीएफ की खुफिया टीम ने ट्रेन में अवैध रुप से सामान बेच रहे चार वेंडरों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां अदालत ने सभी वेंडरों से जुर्माना वसूला।
झांसी मंडल में अवैध वेंडरों की शिकायत समय समय पर अधिकारियों के पास पहुंचती रहती है। कई बार अभियान चलाकर भी वेंडर पकड़े जाते है लेकिन यह कार्रवाई के शांत होते ही फिर से वेंडर सक्रिय हो जाते हैं। झांसी मंडल में अवैध वेंडरों की गूंज जब उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय इलाहाबाद पहुंची तो एनसीआर के महाप्रबंधक एमसी चैहान तथा आरपीएफ के आईजी एसके सिंह के पास पहुंची तो उन्होंने आरपीएफ की खुफिया शाखा को इस पर लगाम लगाने के निर्देश दिए।
इस पर आज सुबह छह बजे आरपीएफ मुख्यालय इलाहाबाद की खुफिया शाखा के प्रमुख धर्मवीर सिंह, उपनिरीक्षक रमेश चंद्र समेत चार सदस्यीय टीम ने गुपचुप तरीके से 12511 राप्तीसागर एक्सप्रेस में अपना जाल बिछाकर अवैध रुप से सामान बेच रहे जब्बार, राजेश कुमार, अनिल, रामनरेश निवासी पुखरायां (कानपुर देहात) को दबोच लिया। जब उनसे वेंडर का परिचयपत्र मांगा तो वह नहीं दिखा सके। यह नहीं उनके पास टिकट भी नहीं था। इस पर आरपीएफ टीम ने उनके खिलाफ ट्रेन में अवैध रुप से सामान बेचने के आरोप में धारा 144 तथा बिना टिकट टे्रन में चलने के आरोप में धारा 137 के तहत मुकदमा दर्ज उन्हें झांसी रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। जहां प्रत्येक वेंडर पर 2850 रुपए जुर्माना वसूला गया। खुफिया टीम की छापामारी से अवैध वेंडरों में हडकंप मचा रहा।
संतकबीरनगर एक्सप्रेस में पेंट्रीकार संचालक ही कर रहा गड़बड़ी
उरई। सुरक्षाबलों की मिलीभगत से मुंबई-संतकबीरनगर सुपरफास्ट ट्रेन 12541ध्42 में अवैध वेंडरों की भरमार है। हैरानी की बात यह है कि इस ट्रेन में पेंट्रीकार का संचालक ही अवैध वेंडरों को बढ़ावा दे रहा है। इतना ही इस ट्रेन में पेंट्रीकार का संचालक उरई स्टेशन पर अवैध रुप से सामान की लदान भी करता है। इसके लिए अवैध वेंडर पटरी पार करने में भी संकोच नहीं करते हैं। अवैध रुप से खानपान व गैस सिलेंडर भी ट्रेन में बिना अनुमति के चढ़ाता है। सब जानकर सुरक्षाबलों की चुप्पी संदेह खड़ी कर रही है। इस बाबत अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से इस ट्रेन के पेंट्रीकार के संचालक के हौंसले बुलंद है।







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