उरई । कस्बा कदौरा में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने वाले मास्टर ने हविश में गुरु शिष्य का नाता कलंकित करते हुए 7 वर्षीय बालिका के साथ दुराचार का प्रयास किया लेकिन बालिका के चिल्ला पड़ने से उसके इरादे कामयाब नहीं हो पाये । इस बीच बालिका की चीख सुन कर तमाम लोग आ गए जिस पर युवक भाग निकला । युवक का बड़ा भाई भाजपा का छुटभैया नेता है , साथ ही थाने का सबसे बड़ा दलाल है इसलिये इस मामले में सांप्रदायिक संवेदनशीलता का आयाम जुड़ा होने के वाबजूद पीड़ित की रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही जिससे जनाक्रोश के कारण माहौल विस्फोटक नजर आ रहा है ।
जिले में अफसरों के संरक्षण और ढीले व्यवहार से ज्यादातर थानाध्यक्ष बेलगाम हो कर काम कर रहे हैं । कदौरा में थाने को भारी कमाई का हुनर रखने की वजह से भाजपा की नेतागीरी का आवरण ओढ़ कर एक ऐसा दलाल पुलिस का स्थानीय आका बन गया जो लूट और गौकशी जैसे संगीन मामलों में जेल जा चुका है । उसका भाई अपने घर में बच्चों का ट्यूशन पढ़ाता है । पीड़ित बालिका भी उसके यहाँ ट्यूशन पढ़ने आती थी ।
सोमवार की शाम को अन्य बच्चों को चलता करने के बाद मास्टर ने बालिका को बहाने से रोक लिया और अकेला होते ही उसने बालिका को दबोचने की कोशिश की लेकिन बालिका चिल्ला पड़ी जिससे उसे भागना पड़ा । बालिका के परिजन जब शिकायत करने आरोपी के बड़े भाई के पास पहुँचे तो पुलिस की शह होने की वजह से वह उन्हे चैलेंज देने लगा की जाओ जो कर पाओ कर लेना ।
इससे उत्तेजित हो कर भारी भीड़ जमा हो गई और लोग थाने की ओर कूच करने लगे । लेकिन पुलिस ने उन्हे बाजार में ही रोक लिया । उधर थानाध्यक्ष मुकेश वर्मा से जब पत्रकारों ने इस घटना के बारे में पूंछा तो उनका कहना था कि प्रकरण उनकी जानकारी में है लेकिन तहरीर मिलने के बाद ही कारवाई हो सकेगी । पुलिस की साजिश से पीड़ित को मामले में समझोते के लिए घेरा जा रहा है । एक वर्ग विशेष के उद्वेलित होने के कारण पुलिस की एकतरफ़ा भूमिका कानून व्यवस्था के लिए खतरनाक साबित हो सकती है ।







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