उरई। सीएम योगी को कमजोर मुख्यमंत्री साबित करने में प्रदेश के उद्दण्ड अधिकारी कोई कसर नहीं छोड़ रहे। राज्य सरकार की ताजा फजीहत ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के निदेशक ने इस अंदाज में की है, जैसे चैलंेज देना चाहते हों कि वे अपनी मनमानी करेंगे, योगी में दम हो तो उनका कुछ बिगाड़ लें।  सीएम योगी ने एक ही जिले में कई वर्षों से जमे अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले की जो नीति बनाई थी उसमें किसी को रियायत नहीं दी जानी थी, जिले के ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में राकेश कुमार यादव पिछले 25 वर्षों से टिके हुए हैं इसलिए उनका नाम सबसे पहले स्थानान्तरित किए जाने वालों की सूची में शामिल था। 14 जून को आर0ई0डी0 के डायरेक्टर ने इसके मुताबिक उनके कानपुर देहात के लिए तबादले का आदेश जारी किया जिसे स्पेशल केस के रूप में ट्रीट करते हुए आदेश में उन्होंने यह भी लिखा कि राकेश कुमार यादव को उनके प्रतिस्थानी की प्रतीक्षा किए बगैर रिलीव कर दिया जाए साथ ही राकेश कुमार यादव द्वारा एक सप्ताह के अंदर नए स्थान पर योगदान आख्या सौंप दी जाए। इसमें कोताही पर उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी। निदेशक जो कि आर0ई0डी0 के चीफ इंजीनियर भी हैं, के पत्र की इस भाषा से लगता था कि राम कथा के प्रमुख पात्र अंगद के जुड़वां भाई राकेश कुमार यादव को चल उड़ जा रे पंछी ये देश हुआ बेगाना गाते हुए जालौन जिले की अपनी रियासत से रुखसत होना ही पड़ेगा। लेकिन राकेश कुमार यादव ने जैसे ही ऊपर चांदी का जूता मारा 24 जून को उन्हीं निदेशक ने उनका स्थानान्तरण 31 दिसम्बर 2017 तक स्थगित करने का नया आदेश भेज दिया। सरकार की तबादला नीति की टांग तोड़ते हुए जारी किए गए उक्त आदेश में उन्होंने यह सफाई देने की कोशिश भी नहीं की कि राकेश कुमार यादव को उरई में रहकर कौन सा भारत लीपना है। जिसके कारण निदेशक सीएम योगी की तबादला नीति की अवज्ञा तक करने की गुस्ताखी को मजबूर हो गए।  इस बीच राकेश कुमार यादव के प्रतिस्थानी अनवार ने 30 जून को झांसी से आकर यहां अपनी ज्वाइनिंग दे दी। अब एक कार्यालय में दो संगणक नहीं हो सकते। तो माना जा रहा है कि अनवार की हालत त्रिशंकु की हो जाएगी। क्या निदेशक/चीफ इंजीनियर की इस मजाल को संज्ञान में लेकर सीएम योगी उन्हें निलंबित करने का फरमान अपनी सरकार का इकबाल बनाए रखने के लिए जारी करेंगे। यह सवाल आर0ई0डी0 में उरई से लखनऊ तक गूंज रहा है।

Leave a comment