
उरई। अपर जिलाधिकारीराकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्कूल प्रबन्धकांे एवं प्रधानाचार्यों की बैठक स्कूल वाहनों के संचालन के सम्बन्ध में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आहूत हुई जिसमें निर्देशित किया गया कि प्रत्येक विद्यालय में ट्राॅन्सपोर्ट इंचार्ज को स्कूलों में संचालित वाहनांे के प्रपत्रों की जांच एवं समय पर निरीक्षण कराने की जिम्मेदारी दी जाये, स्कूलांे में बिना लाईसेंस वा बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन से स्कूल आने वाले बच्चों को स्कूल में प्रवेश न करने दिया जाये तथा उनके अभिभावकों को सूचित किया जाये कि वह इन्हें वाहन लेकर न भेजे। स्कूली बसों की स्वास्थता की जांच एवं पंजीयन के संबंध न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देशांे का अनुपालन किया जाये। बड़े पैमाने पर संचालित होने वाले प्राईवेट वाहनों के वाहन स्वामियों को स्कूल प्रशासन द्वारा संबंधित वाहन को स्कूली वाहन के रूप में दर्ज कराया जा सकता है। इस हेतु परिवहन कार्यालय में कुछ कार्यवाही करानी पड़ेगी। इसके साथ वाहन चालकों का पूरा विवरण लाईसंेस सहित स्कूल प्रबन्धक जांच करा लंे और अपनी तरफ से प्राधिकारी पहचान पत्र निर्गत करें। जिससे पहचान बने कि वह अमुक विद्यालय वाहन का ड्राईवर है। जनपद के स्कूली प्राईवेट वाहन जो निर्धारित मानकों का उल्लंघन करते पाये जायेंगे। उनके खिलाफ पुलिस एवं परिवहन विभाग कार्यवाही करेगा। स्कूल प्रबन्धक संबद्ध वाहनांे के कागज़ात एवं पेपरों की फोटो प्रमाणित प्रतियां परिवहन विभाग को उपलब्ध कराये जिससे जांच में सहूलियत होगी। वाहनों की फिटनेस अवश्य कराये अन्यथा दुर्घटना होने तक वाहन क्लेम नहीं मिलेगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आशाराम, जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल, जिला बेसिक षिक्षा अधिकारी कमलेश कुमार ओझा, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी धनवीर यादव, सर्वेश कुमार, सोमलता यादव सहित जनपद के समस्त विद्यालयों के प्रबन्धक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।






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