जालौन-उरई । अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने एवं गर्भवती होने के बावजूद उसे घर से निकाल देने की शिकायत पीड़िता ने कोतवाली में तहरीर देते हुए की।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सहावनाका निवासी रीना तोमर पत्नी नीरज सिंह ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह 16 अप्रैल 2016 को नीरज सिंह पुत्र देव सिंह निवासी ग्राम भूरेपुर कलां थाना अजीतमल जिला औरैया के साथ हुआ था। विवाह में उसके पिता ने 5 लाख रुपये नगद सहित घर गृहस्थी का सामान व सोने चांदी के जेवरात उपहार स्वरूप दिए थे। शादी के 15 दिन बाद उसके पिता की मृत्यु हो गई। इसके बाद से उसके ससुरालियों ने उसकी मां रामसिया से दहेज में 3 लाख रुपये नगद व एक बाइक देने की मांग करने लगे। ससुरालियों की मांग पूरी न होने पर उसके ससुरालियों ने उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं 20 नवंबर 2016 को दहेज की मांग पूरी न होने पर गर्भवती होने के बावजूद उसके ससुरालियों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर उसे उसके मायके छोड़ दिया। इसके बाद 25 मार्च 2017 को उसने प्राइवेट नर्सिंग होम में एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद 11 जुलाई को उसके ससुरालीजन उसके घर आए और कहा कि जब तक वह दहेज में उनकी 3 लाख रुपये व एक बाइक देने की मांग पूरी नहीं करेंगे, तब तक वह व उसके बच्चे को नहीं अपनाऐंगे। दहेज के लिए उसके पति नीरज सहित जेठ नेक सिंह देवर अमित सिंह व पंकज सिंह आदि लोग उसे दहेज के लिए लगातार परेशान कर रहे हैं। पीड़िता ने कोतवाली पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।






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