उरई। एडीआर इस निकाय चुनाव में न सिर्फ वार्ड स्तर पर जाकर वार्डों की समस्याओं को लेकर मांगपत्र बनवाएंगी। बल्कि स्थानीय निकाय चुनाव लडने वाले प्रत्याशियों के साथ सार्वजनिक संवाद भी करेगी। यह बात यूपी इलेक्शन वाच के प्रदेश समन्वयक अनिल शर्मा ने कही। वह आज राठ रोड स्थित गल्ला मंडी परिसर में हमारा पालिका अध्यक्ष कैसा हो, विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। गल्ला व्यापारी, पल्लेदार, छनैया, बिनैया महिला मजदूरों के बीच श्री शर्मा ने कहा कि एडीआर की पहल के ही कारण ही पेड न्यूज के  मामले में मध्य प्रदेश में एक मंत्री नरोत्तम मिश्रा की विधायिकी चुनाव आयोग ने रद कर दी है। जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। यह देश का पहला मामला है, जिसमें पेड न्यूज पर किसी की सदस्यता रद की गई है। जिला गल्ला व्यापार संघ के अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी ने कहा कि नगर पालिका के पास नगर के विकास की जिम्मेदारी होती है, लेकिन आज अपवाद छोडकर सभी नगरपालिकाएं भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई है। अब अच्छे व्यक्ति ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। हमें अच्छे व्यक्ति को खोजकर चुनाव लड़ाना होगा। कामरेड कैलाश पाठक ने कहा कि राजनैतिक वातावरण को लेकर तमाम तरह की बातें होती है लेकिन बदलाव को कोई आगे नहीं आता है। किसी सत्यवादी को खोजने के नाम पर हरिश्चंद्र के अलावा किसी दूसरे के नाम को खोजने में परेशानी आती है। उन्होंने इस तरह के कार्यक्रम उन स्थानों पर करने को जोर दिया, जहां अशिक्षा ज्यादा हो और शोषित, पीड़ित लोग रहते हो। आपदा निवारक मंच के संयोजक रामकृष्ण शुक्ला ने कहा कि माना है अंधेरा बहुत है लेकिन बदलाव का इरादा लेकर चलना होगा। हम होंगे कामयाब एक दिन को ध्येय बनाकर आगे बढना होगा। पूर्व बारसंघ अध्यक्ष यज्ञदत्त त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव के पहले बदलाव की इच्छा रखने वाला चुनाव जीतते ही अपने बारे में सोचने लगता है। वोटर की बड़ी कमजोरी लालच है। लालच ने ही हमारे देश को गुलाम बनाया था। लालच सिर्फ पैसे का नहीं होता है। लालच कई प्रकार का होता है। लालच व स्वार्थ छोडकर देश व समाज के लिए सोचना होगा, तभी बदलाव आएगा। उपजा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक अग्निहोत्री ने कहा कि वोट देते समय हम रिश्तेदार, पड़ोसी, बिरादरी व राजनैतिक पार्टी को देखते है, लेकिन उसके चरित्र को नहीं देखते है। यही गलती हमारे पछतावे का कारण बन जाती है। एडीआर द्वारा जो मांगपत्र बनाने का काम किया जा रहा है। उसके माध्यम से हमने दस प्रतिशत भी काम करवा लिया तो बदलाव आ जाएगा। अध्यक्षता कर रहे रामदास गुप्ता ने कहा कि ईमानदार आदमी इसलिए भी चुनाव नहीं लडना चाहते है कि पैसा भी खर्च करें और सेवा भी करें। हमें अच्छे व्यक्ति को आगे बढ़ाना होगा। इसके पूर्व कवि वीरेंद्र तिवारी ने निकाय चुनाव को लेकर अपनी रचना पढ़ी। जिसे लोगों ने सराहा। इस मौके पर शशि शेखर दुबे, देवेंद्र सिंह, शिवकुमार निगौतिया, सुशील कुमार, अशोक गुप्ता, हरीसिंह चैहान, देवकीनंदन गुप्ता, नरेंद्र यादव, शिवराम गुप्ता, रमेश चंद्र नगाइच, बृजकिशोर राजपूत, गोविंद बिजपुरिया, संतोष कुमार, संतोष गुप्ता, देवेंद्र कुमार, हरीसिंह पाल, वीरेंद्र तिवारी, लक्ष्मीकांत, कृष्णकांत, सुमित, मानसिंह, प्रभु, संजय, सूरज, द्वारिका, मगन, बंटा, आशीष, रानी, सुमन, गीता आदि व्यापारी, पल्लेदार, छनैया, बिनैया महिला मजदूर व कई किसान मौजूद रहे।

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