उरई। सर्दी, गर्मी बरसात में खुले आसमान के नीचे खड़े होकर बसों का इंतजार करने वाले मुसाफिरों की सुविधा के लिए बनाये गये यात्री प्रतीक्षालयों की कुर्सियों भी लोगों ने सलामत नही रहने दीं। माधौगढ़ में नीयतखोरों ने प्रतीक्षालयों की कुर्सियां उठाकर अपने घर-दुकानों में सजा ली। जिससे मुसाफिरों की हालत फिर जैसी की तैसी हो गई। माधौगढ़ में मुख्य रूप से तीन बस अडडे सिहारी तिराहा, चितौरा मोड़ और रामपुरा जाने वाले रोड पर बने हैं। जिनमें गत् वर्ष नगर पंचायत ने यात्री प्रतीक्षालय बनाकर लोगों के बैठने के लिए चार-चार कुर्सियां लगवा दी थीं। खासतौर से इन कुर्सियों से महिलाओं और बच्चों को काफी सहूलियत रहती थी। लेकिन लोगों ने इन कुर्सियों पर भी अपनी लालची निगाह जमा दी। सिहारी बस अडडे की सारी कुर्सियां गायब हो चुकी हैं। चितौरा और रामपुरा बस अडडे की भी आधी कुर्सियां लोग हथिया कर ले जा चुके हैं। इसलिए यात्री प्रतीक्षालयों की सार्थकता समाप्त हो गई है। होना यह चाहिए था कि नगर पंचायत अपनी कुर्सियां गायब होने की रिपोर्ट पुलिस में लिखाती जिससे नीचतापूर्ण हरकत करने वालों को पकड़कर पुलिस कोई कार्रवाई करती और जिससे दूसरों को भी सबक मिलता। लेकिन अपना काम बनता, भाड़ में जाये जनता के नारे में विश्वास करने वाली नगर पंचायत ने इन कुर्सियों से कमीशन के रूप में भरपूर लाभ उठाने तक अपने सरोकार सीमित रखे थे। इसलिए कुर्सियों का बाद में क्या हुआ इसकी परवाह उसे क्या करना।






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