उरई । अधिकारी लाचार हो चुके हैं या लालच के आगे उन्होने किसी का खौफ महसूस करना बंद कर दिया है , जो भी हो लेकिन जनपद में बेसिक शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ा चुकी हैं । सोमवार को इसकी मिसाल फिर देखने को मिली जब महेबा ब्लाक के गहपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में पहुँची जालौन टाइम्स की टीम को साढ़े 10 बजे भी शिक्षक मौजूद नहीं मिले ।

विद्यालय में मास्टर जी के इंतजार में कमरों के बाहर खड़े बच्चों ने बताया कि वे विद्यालय खुलने के समय सुबह 8 बजे के 15 मिनट पहले से विद्यालय में मौजूद हैं लेकिन गुरु जी का पता नहीं चल रहा है । अब सवाल यह है कि मोटी  तनख्वाह लेने के वाबजूद गुरु जी को नियमित विद्यालय में पहुँचने में क्या तकलीफ़ है , खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालयों की रोजाना चेकिंग की जहमत क्यों नहीं उठाना चाहते , क्या उन्होने मास्टरों से मासिक बांध कर उन्हे भस्मासुरी वरदान देने को ही अपनी नौकरी मान लिया है , इसके बाद बेसिक शिक्षाधिकारी क्या कर रहे हैं , क्या उन्हे किसी ने निकम्मेपन की योग साधना का गुरु मंत्र पकड़ा दिया है । कहीं ऐसा तो नहीं है कि कुछ मास्टरों को योगी को मुख्यमंत्री बनना पसंद न हो इसलिये बेसिक शिक्षा का भट्ठा बिठाने का सत्याग्रह छेड़ रहे हों लेकिन प्यारे शिक्षकों आपके इस सत्याग्रह से योगी की कुर्सी तो जाने से रही जो बीतेगी वो गरीबों के बच्चों पर बीतेगी । इसलिये गरीबों की सुनो ताकि वो तुम्हारी सुन सके ।

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