उरई। जिले मे पाल समाज के लोग धनगर मूल जाति में अपने को जुडवाने के लिये अरसे से सघर्ष मे जुटे है जिससे उन्हें अनुसूचित जाति को अनुमन्य लाभ हासिल हो सके। सोमवार को इसके लिये फिर एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के लिये जिलाधिकारी के प्रतिनिधि सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया ।
प्रंतीय धनगर महासभा के जिलाध्यक्ष रामदास पाल ने इस अवसर पर कहा कि उत्तर प्रदेश मे निवास करने वाली गडरिया जाति कि उपजाति धनगर अनुसूचित जाति मेे दर्ज है जिसको देखते हुये लम्बे अरसे से जिले के गडरिया समाज के लोग अपने लिये धनगर जाति का प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग शासन और प्रशासन से कर रहे है। जिस पर अभी तक कोई कदम नहीं उठया गया है।
उन्होने बताया कि उच्य न्यायालय द्वारा भी 2012 में इस विषय में समुचित आदेश पारित किया जा चुका है। लेकिन प्रशासन फिर भी नहीं चेता । शिकायत होने पर 30 जून 2017 को जिलाधिकारियों के लिये शासनादेश जारी किया गया कि वे धनगर जाति के लोगों केा एस0सी0 अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करे । बावजूद इसके प्रशासन में इस पर अमल की कोई जुम्बिश नजर नहीं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन गडरिया समाज के साथ न्यान नहीं करता है तो आन्दोलनत्मक कदम उठाने के लिये हमें मजबूर होना पडेगा।

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