कालपी(जालौन)। पर्यावरण में हरियाली बहाल करने तथा संतुलन बनाए रखने के लिए जहां पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है वहीं नगर के आसपास नव विभाग की मिलीभगत से हरे भरे वृक्षों का कत्लेआम जंगल में जारी है और इसकी लकड़ी को टैªक्टरों व ट्रकों द्वारा दूसरे जनपद में बेचा जा रहा है। जिसके कारण हरियाली बहाल होना महज एक सपना साबित हो रहा है।
नगर व पूरे क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी तथा समाजसेवी संगठनों व सरकारी मशीनरी के द्वारा वृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें हजारों पड़े लगाये जा रहे है। लेकिन विडम्बना यह है कि पेड़ों पौधों तथा वनों की रक्षा के लिए बना वन विभाग की ही सह पर जंगल में खुलेआम हरे भरे वृक्षों को काटा जा रहा है। जिसकी बानगी रोजाना हाईवे एवं टरननगंज राजमार्ग से गुजरने वाले लकड़ी से लदे ट्रैक्टर खुद ही बयां कर रहे है। नगर के कांशीराम कालौनी के पीछे स्थित जंगल में लड़ल्ले से वृक्षों को काटा जा रहा है। मोहल्ले के गोपाल सिंह, अश्वनी तिवारी, रूप सिंह, रिंकू गौतम, श्यामपाल आदि लोगों नेबताया कि पिछले कई दिनों से जंगल में दिनरात पेड़ों को काटा जा रहा है। जिसकी सूचना व शिकायत भी वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय में की गयी। लेकिन फिर भी वृक्षों का कटान नही रूका। वहीं लोगों ने बताया इस जंगल में शीशम के वृक्षों की बड़ी श्रंखला लगी थी। लेकिन अब एक पेड़ नही मिलता। रात में टैªक्टरों के द्वारा लकड़ी को पड़ोसी जनपद में ईटा भट्ठो पर बेचा जा रहा है। ऐसा नही है कि वन विभाग को इसकी जानकारी नही है। कई बार इस कटान को रोकने के लिए समाजसेवियों द्वारा ज्ञापन दिया गया लेकिन कटान फिर भी बंद नही हुआ। पड़े कटाने वालों के हौसले इसलिए बुलंद है कि उन्हें न तो कार्यवाही का डर और न ही प्रदेश सरकार के निर्देशोंकी परवाह जिसके चलते पेड़ों का कटान जारी है और उधर वृक्षारोपण व उनके संरक्षण पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में हरियाली बहाल होना तो दूर के ढोल सुहाने जैसा है। वहीं वन क्षेत्राधिकारी आरके सक्सेना नेबताया कि जंगल में हो रहे अवैध कटान की जानकारी नही है वन दरोगा को भेजकर दिखाने की बात कही।







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