कोंच-उरई। कल शाम कस्बे में एक सर्राफा कारोबारी के साथ हुई तथाकथित लूट को सिरे से नकारती रही पुलिस ने अंततः दी गई तहरीर के आधार पर ज्यों की त्यों रिपोर्ट लिख ही ली। समझा जा रहा है कि सर्राफा कारोबारियों द्वारा दी गई बाजार बंद की धमकी और राजनैतिक दबाव में यह रिपोर्ट लिखी गई है। आज सुबह सर्राफा कमेटी के आह्वान पर कुछ घंटे के लिये दुकानें बंद भी रहीं और जब तक वे एफआईआर की चिक नहीं ले गये अपनी दुकानें नहीं खोलीं। इधर, दूसरे पक्ष की ओर से भी आई तोडफोड़ की तहरीर पर क्रॉस मुकदमा दर्ज किया गया है। गुजरे कल रविवार की शाम लगभग तीन बजे कस्बे के एक सर्राफा व्यवसायी पंकज सोनी के साथ कथित रूप से यहां बजाज एजेंसी के संचालक कृष्णकुमार उर्फ लला तथा उसके दो भाइयों संजीव व राजीव ने मारपीट करके डेढ लाख की नकदी सहित सोने चांदी के जेबरों की लूट का आरोप लगाते हुये कोतवाली में तहरीर दी थी। उक्त कथित लूट को लेकर कस्बे के सैकड़ों सर्राफा कारोबारियों ने कोतवाली का घेराव करते हुये अल्टीमेटम दिया था कि अगर ज्यों की त्यों एफआईआर नहीं दर्ज करती है पुलिस तो सर्राफा बाजार बंद कर दिया जायेगा। उसी अल्टीमेटम पर आज सर्राफों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और कोतवाली में डेरा डाल दिया। हालांकि उक्त घटना को पुलिस सिरे से नकारती रही है, इसके बाबजूद आज उसने तीनों आरोपियों के खिलाफ भादंवि की धारा 394, 342, 323, 504, 506 में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। समझा जा रहा है कि इस मामले की गूंज ऊपर तक पहुंची और ऊपर से पड़े राजनैतिक दबाव तथा सर्राफा कारोबारियों की बंदी के दबाव में यह रिपोर्ट लिखी गई है। इधर, मामले के आरोपी कृष्णकुमार ने भी पंकज के खिलाफ दुकान में तोडफोड़ करने का आरोप लगाते हुये आईपीसी की धारा 427, 323, 504, 506 में क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस अभी भी अपने कल के बयान पर कायम है और इसे आपसी लेनदेन का मामला बता रही है।

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