कोंच-उरई। कोंच में बड़े पैमाने पर हो रही पशुओं की तस्करी और मवेशियों की अबैध कटान में पुलिस की संलिप्तता की खबरें बैसे तो जग जाहिर हैं लेकिन एक दरोगा द्वारा एक सिपाही के खिलाफ कोतवाल को भेजी गोपनीय रिपोर्ट ने उन खबरों पर हकीकत की मोहर लगा दी है। दरोगा ने एक सिपाही के खिलाफ साफ तौर पर पशु तस्करों और मांस माफियाओं से मिली भगत की रिपोर्ट दी है। दरअसल, पूरे मामले पर अगर नजर डालें तो पिछले दिनों रात में मवेशियों से भरा ट्रक पुलिस द्वारा पकड़ा गया था। उस वक्त पशु तस्करों के एक बड़े सरगना से एक सिपाही की लगातार फोन पर बातचीत होती रही और वह सिपाही लगातार लोकेशन लेता रहा कि ट्रक छूटा कि नहीं। उस सिपाही की यह हरकत एक दरोगा की पकड़ में आ गई और दरोगा ने सिपाही का मोबाइल भी जब्त कर लिया था। ट्रक के साथ जो चार अभियुक्त पकड़े गये थे उनमें से एक ने स्वीकारा था कि उक्त सिपाही पैसे लेकर उसे पुलिस की सारी लोकेशन उपलब्ध कराता था। पुलिस और पशु तस्करों की मिली भगत के लग रहे आरोपों से पुलिस की जो किरकिरी हो रही थी उससे पूरा डिपार्टमेंट परेशान था, ऐसे में उक्त दरोगा ने जब रंगे हाथों पूरा मामला पकड़ लिया तो उसके पास सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट भेजने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा था। हालांकि अभी तो इस मामले में एक सिपाही की संलिप्तता पर खुद पुलिस विभाग के ही अधिकारी ने अपनी मोहर लगाई है लेकिन हकीकत यह है कि इस मामले में अगर ठीक से पड़ताल की जाये तो कईयों की गर्दनें नपेंगीं। कोतवाल ने इसे विभागीय और गोपनीय मामला बताते हुये कुछ भी कहने से परहेज किया।

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