
कोंच-उरई । आईटीआई में प्रवेश के लिये स्कूल प्रशासन द्वारा लगाई गईं बंदिशें छात्रों पर इतनी भारी पड़ रहीं हैं कि उन्हें दाखिला लेना एवरेस्ट की चढाई से भी दुष्कर दिखाई दे रहा है। आईटीआई प्रशासन ने दाखिले के लिये छात्र से पुलिस द्वारा जारी चरित्र प्रमाण पत्र मांगा है लेकिन छात्र यहां कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं और कोतवाल ने उन्हें नियम कायदे बता कर टरका दिया।
कोंच और आसपास के इलाकों के तमाम छात्र आईटीआई में प्रवेश के लिये घूम रहे हैं लेकिन स्कूल प्रशासन ने उन्हें परेशान करने के लिये शर्त जोड़ दी है कि पहले पुलिस द्वारा जारी चरित्र प्रमाण पत्र लाओ तब कहीं जाकर दाखिला पाओ। इस प्रमाण पत्र के लिये दर्जनों छात्र कोतवाली के चक्कर काटते फिर रहे हैं लेकिन यहां के कोतवाल सत्यदेव सिंह उन्हें नियमों का हवाला देकर टरकाने में लगे हैं। कोतवाल कहते हैं कि एसपी ऑफिस में एप्लाई करो इसके बाद ही नियमानुसार प्रमाण पत्र जारी होगा। गौर तलब यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में एक से डेढ महीने का वक्त लगता है और ऐसी स्थिति में छात्र का भबिष्य तो गया काम से। यह भी ज्ञातव्य है कि इसी कोतवाली से अन्य थानेदारों द्वारा सदाशयता के नाते पूर्व में कई प्रमाण पत्र बनाये भी हैं और छात्रों के दाखिले हो गये लेकिन कोतवाल की हठधर्मी ने छात्रों के भबिष्य पर ग्रहण लगा दिया है। ऐसे में राहुल गांधीनगर कोंच, अंकित वर्मा गांधीनगर कोंच ने उच्चाधिकारियों से अपेक्षा जताई है कि कोतवाल को प्रमाण पत्र जारी करने के लिये आदेशित करें या फिर स्कूल प्रशासन इसकी बाध्यता समाप्त करे। दाखिले की अंतिम तिथि 31 जुलाई है।






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