कोंच-उरई। आज यहां पंजाब से आये निरंकारी संत विनोद ने बल्दाऊ धर्मशाला में सैकड़ों भक्त श्रोताओं को संबोधित करते हुये कहा कि यदि सद्गुरु की प्रेरणा हो जाये तो ब्रह्मï की प्राप्ति संभव है। उन्होंने परमात्मा के स्वरूप के बारे में अपना मत देते हुये निाराकार ब्रह्मï की उपासना का संदेश दिया।

निरंकारी संत समागम का आयोजन गुरुवार को बल्दाऊ धर्मशाला में किया गया जिसमें नगर व क्षेत्र के सैकड़ों मतावलंबियों ने समागम किया। मुख्य वक्ता विनोद ने ब्रह्मï को केन्द्र में रखते हुये अपना दर्शन दिया, कहा कि ब्रह्मï निराकार है और उसकी भक्ति सद्कर्मों द्वारा की जा सकती है। अच्छाई के मार्ग पर चल कर व्यक्ति जीवन से मुक्ति प्राप्त कर सकता है। अन्य वक्ताओं राजीव उरई, ब्रह्मïस्वरूप, रामरूप, ममता, संगीता, विद्या, मोहिनी, संतराम, कृष्णगोपाल जालौन, माया, कैलाश, चंद्रभान, प्रेमवती माताजी कोंच, विवेक, सुनील, राजेश आदि ने भी अपने संबोधन दिये। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में पुरुष एवं महिलायें उपस्थित रहे।

 

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