कदौरा(उरई )। जनपद में जहां निर्माण कार्य ठप्प पड़ जाने से मजदूरों को अनाज के दाने-दाने का संकट बना हुआ है वहीं ग्राम प्रधान की दबंगई ने मजदूरों को भुखमरी की कगार पर खड़ाकर दिया है।

कदौरा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम इटौरा गांव के मनरेगा मजदूरों अखिलेश, नोखेलाल, सुनील, रामशरन, फूलसिंह, गयाप्रसाद, इमाम खां, बाबूराम, अरविंद कुमार शरफराज खान, महेन्द्र, अनिल आदि ने आरोप लगाया कि उन्होंने मनरेगा योजना के अंतर्गतग्राम पंचायत में तालाब, कुआ खुदाई का कार्य 30 व 25 दिन तक किया था। एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मजदूरों को उनके कार्य की मजदूरी का भुगतान नही किया गया। एक साल से सभी मजदूर प्रधान अजय कुमार से मजदूरी के भुगतान की गुहार लगाते आ रहे है। लेकिन जानबूझकर ग्राम प्रधान के द्वारा मनरेगा की मजदूरी उनके खातों में नही डाली जा रही है। जबकि अन्य ग्रामीण फर्जी जाॅबकार्ड से मजदूरी की निकासी कर रहे है। मजदूरों के द्वारा इसके लिए तहसील दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है जिससे ग्राम प्रधान द्वारा उन्हें पुलिस से फर्जी मामले में फंसाने व जानमाल की धमकी दी जा रही है। प्रधान की दबंगई के कारण सभी मनरेगा मजदूर भयभीत है और उन्हे अब एक-एक निबाले तक के लाले पड़ने लगे है। प्रभारी खंड विकास अधिकारी देशराज सिंह का कहना था कि मजदूरों ने शिकायती पत्र दिया है इस मामले में संबंधित अधिकारी से बात करके मजदूरों का शीघ्र भुगतान कराया जाएगा।

 

 

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