कोंच-उरई । बैसे तो श्रावणी उपाकर्म रक्षाबंधन पर्व पर श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है लेकिन अबकी दफा पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण होने के कारण विप्र समुदाय ने आज श्रावण शुक्ल पंचमी शुक्रवार को ही रामकुंड पर श्रावणी पर्व मनाया, जिसमें ब्राह्मïण समाज के लोगों ने श्रावणी उपाकर्म संपादित किये। उक्त आयोजन रामकुंड पर आयोजित किया गया जिसमें ब्राह्मïण महासभा और सनाढ्य सभा ने संयुक्त रूप से सहभाग किया।

त्योहारों में रक्षाबंधन पर्व विप्र समाज के हिस्से में आया है इसलिये इस पर्व को लेकर ब्राह्मïण समाज बिशेष अनुष्ठान संपादित करता है, खासतौर पर श्रावणी पर्व पूरे विधि विधान से मनाये जाने की परंपरा है। श्रावण शुक्ल पूर्णिमा पर आयोजित होने बाला यह पर्व उस दिन चंद्रग्रहण होने के कारण आज ही मना लिया गया। रामकुंड पर विप्र समाज द्वारा श्रावणी पर्व मनाया गया। जिला विद्वत् परिषद् के बरिष्ठ पदाधिकारी पं. ज्वालाप्रसाद दीक्षित के मुख्य आचार्यत्व तथा पं. रमेशचंद्र पटैरया व पं. ब्रजमोहन तिवारी खैरी के आचार्यत्व में श्रावणी उपाकर्म संपादित कराये गये, तत्पश्चात् हवनादि कार्य सम्पन्न हुये। ब्राह्मïणों ने यज्ञोपवीत धारण कर संकल्प लिया कि यदि हम धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म भी हमारी रक्षा करेगा। होता के रूप में जितेन्द्र तिवारी तिवारी ने पूजन किया। इस दौरान ब्राह्मïण महासभा अध्यक्ष देवीदयाल रावत, सनाढ्य सभा के अध्यक्ष मनोज दूरवार, मंत्री डॉ. मृदुल दांतरे, पूर्व बारसंघ अध्यक्ष विज्ञान विशारद सीरौठिया, विहिप अध्यक्ष सुशील दूरवार, हरिश्चंद्र तिवारी, वीरेन्द्र उपाध्याय, अखिलेश बबेले, राघवेन्द्र तिवारी, श्रीनारायण दीक्षित, अरुण दुवे, अरुण वाजपेयी, बबलू दीक्षित, पुष्करराज बूटौलिया, हरिओम महंत, श्रीकांत तिवारी, डॉ. अजय तिवारी, डॉ. बाबूराम शर्मा, चंद्रप्रकाश चतुर्वेदी, पप्पू शुक्ला खुर्द, जवाहरलाल, राधेश्याम उपाध्याय, प्रभूदयाल गौतम, सहित तमाम विप्रबंधु उपस्थित रहे। संस्कृत महाविद्यालय चांदनी से बटुकों कपिल शर्मा, कशिश दुवे, शिवम उपाध्याय, सागर तिवारी, हर्षित उपाध्याय, केशव पंडित, प्रशांत गोस्वामी, सतीश पांडे, सुंदरम दूरवार, जय नायक, शिवांग मिश्रा ने भी सस्वर मंत्रोच्चार किये।

Leave a comment