उरई। कच्चे मकान की छत पर चढ़कर खपरैल ठीक कर रहे अधेड़ की नीचे गिर कर सिर में गंभीर चोट आ जाने के कारण मौत हो गई। 2008 में अंबेडकर गांव का दर्जा हासिल होने के बावजूद आटा में अभी तक कई परिवार कच्चे घरों में रह रहे हैं। जिनके लिए बरसात में जान जोखिम का खतरा बना रहता है। फिर भी इनको तमाम आवासीय योजनाओं के बावजूद पक्की छत मुहैया नही हो पा रही है। फूल सिंह (48वर्ष) इसी बिडंबना के चलते शुक्रवार की देर शाम जान गंवाने को मजबूर हो गये। दरअसल वे बारिश के दौरान घर के भीतर पानी टपकने की वजह से कच्चे घर की छत पर खपरैल ठीक करने के लिए चढ़ गये थे। इस दौरान पैर फिसल जाने से वे सिर के बल नीचे आ गिरे। घर के लोग अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। इसलिए बहुत देर तक उनको फूल सिंह के हुए हादसे का पता नही चल पाया। बाद में जब घर के एक सदस्य की निगाह लहूलुहान हालत में पड़े फूल सिंह पर पड़ी तो घर में हड़कंप मच गया। उन्हें पहले निकट के स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। जहां से उनको हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन जब तक वे जिला अस्पताल पहुंचे उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे। इमरजेंसी में डाक्टर ने उनको नब्ज देखते ही मृत घोषित कर दिया।





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