
उरई। निजी स्कूलों की चेकिंग के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने सोमवार को रामपुरा में निरीक्षण अभियान चलाया । समिति ने एक दर्जन स्कूल चेक किए जिनमें से आठ स्कूल अभिभावकों के साथ धोखाधड़ी कर नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ करते पकड़े गए ।
बिना मान्यता के कक्षाएँ चलाने वाले धंधेबाजों पर शासन ने शिकंजा कस दिया है । इसके तहत रामपुरा क्षेत्र के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति में राजकीय इंटर कालेज बंगरा के प्रधानाचार्य जयदेव नगायच, बुंदेलखंड इंटर कालेज माधौगढ़ के प्रधानाचार्य आनंद कुमार द्विवेदी और समर सिंह इंटर कालेज रामपुरा के प्रधानाचार्य सुरेश कुमार निरंजन को शामिल किया गया है ।
इस समिति ने आज सबसे पहले प्रताप सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया । यह स्कूल कक्षा 1 से 10 तक की कक्षाएँ बिना मान्यता के संचालित कर अभिभावकों और छात्रों के साथ पूरी चार सौ बीसी कर रहा था । इसके बाद कक्षा 1 से 5 तक संचालित ओ एस आर कानवेंट स्कूल का प्रबंधन भी मान्यता के कागज प्रस्तुत नहीं कर पाया । अलबत्ता एस एल जे एल पब्लिक स्कूल की मान्यता दुरुस्त पायी गई । दूसरी ओर गायत्री ज्ञान मंदिर स्कूल की मान्यता केवल 5वीं कक्षा तक के लिए है लेकिन इसमें 8वीं तक अवैध रूप से कक्षाएँ संचालित मिलीं ।
इसी तरह लिटिल फ्लावर कानवेंट स्कूल भी 5 वीं तक की मान्यता की आड़ में 8वीं तक चलते मिला । लेकिन 8वीं तक संचालित के के रुसिया जूनियर हाईस्कूल की मान्यता अप टू डेट मिली । स्व. सूरजपाल सिंह शिक्षा निकेतन में 5वीं तक की मान्यता की आड़ में 8 वीं तक कक्षा संचालन की धांधली जाँच में पकड़ में आ गई । अलबत्ता जे पी साइंस पब्लिक स्कूल में 8 वीं तक की मान्यता ओ के मिली । उधर निनावली रोड पर चल रहे शिक्षा निकेतन पब्लिक स्कूल का स्टाफ निरीक्षण की भनक मिलने पर कोई मान्यता न होने की वजह से बच्चों की छुट्टी कर ताला जड़ कर मौके से फूट लिया ।
रामपुरा में 4 और निजी स्कूलों की जाँच अभी बकाया रह गई है । संभवतया इनकी जाँच बुधवार को की जायेगी ।






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