उरई।नवजात शिशु दर घटाने और स्वस्थ जच्चा तथा स्वस्थ बच्चा हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अल्पना बरतारिया ने अपने कक्ष में प्रेस से बातचीत की। इस मौके पर उनके साथ एसीएमओ डा. आशाराम, डा. बीएम खेर तथा डीपीएम एनएचएम डा. प्रेमप्रताप सिंह उपस्थित रहे।

सवालों के जबाब में सीएमओ डा. बरतारिया ने कहा कि बच्चे के लिये मां का दूध अमृत है। नवजात बच्चे को जन्म के घंटे भर में तथा और जितना जल्दी हो सके मां का दूध मिल जाना चाहिये। बच्चे को छह माह की उम्र तक सिर्फ मां का दूध ही पिलाया जाना चाहिये तथा इस अवधि में पानी भी बच्चे को नहीं पिलाया जाना चाहिये। ऐसा करने से बच्चे में समस्त रोगों से संघर्ष की क्षमता मिल जाती है और वह आजीवन स्वस्थ बना रहता है। माता भी स्तनपान कराने से तमाम व्याधियों से बच जाती है तथा स्तनपान न कराने वाली मातायें स्तन के रोगों सहित मानसिक रोगों से भी ग्रस्त हो सकती है। प्रेस वार्ता में सफल स्तनपान के दस कदमों के साथ स्तनपान के मुख्य संदेश से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि स्तनपान को लेकर प्रत्येक अस्पताल में एक नीति बनायी जायेगी। जिससे समस्त स्वास्थ्य कर्मियों को अवगत कराया जाये। स्तनपान को बढ़ावा देने के लिये स्वास्थ्य कर्मियों तथा माताओं के समूह विकसित किये जायेंगे ताकि अस्पताल से छुट्टी के बाद माता को इन समूहों से बच्चे को ठीक से पालने में मदद मिलती रहे। बताया गया कि इस सिलसिले में पति, सास, ससुर, ननद आदि को भी जानकारियां दी जायेगी ताकि वह समय-समय पर मां की सहायता करते रहें। स्तनपान प्रबंधन में गर्भवती माता को भी आवश्यक जानकारियां अस्पताल में दी जायेगी और बच्चे के जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान सुनिश्चित बनाया जायेगा।

 

 

 

 

Leave a comment