
उरई। रामनगर में पिता और पुत्रियों के साथ हुए गोली कांड पर पड़ी रहस्य की परतें पुलिस औपचारिक रूप से अभी हटाने से बच रही है। लेकिन अनौपचारिक तौर पर कोतवाल देवेंद्र द्विवेदी सहित पूरी पुलिस यह मान चुकी है कि उक्त घटना को स्वयं पिता ने पहले बड़ी पुत्री दीपाली की गोली मारकर हत्या करने के बाद फिर स्वयं और अपनी छोटी पुत्री चैदह वर्षीय अंशिका को गोली मारकर अंजाम दिया। रामनगर में लक्ष्मी मंदिर के पास सेवा निवृत्त शिक्षक महेश खरे के घर में किराये से रहने वाले दयाशंकर उर्फ विनोद कुमार के परिवार में आज शाम ऐसी त्रासदी हुई कि पूरा जिला रोमांचित हो गया। इसमें उनकी सोलह वर्षीय बड़ी पुत्री की मौत हो गई। जबकि उनका खुद का लीवर भी बुरी तरह डैमेज हो गया है। जिसकी वजह से पुलिस ने आनन-फानन में उनको उपचार के लिए कानपुर रवाना कर दिया। खबरें तो उनके न रहने तक की आई हैं लेकिन अभी इसकी पुष्टि नही हो सकी है। उधर अंशिका की भी हालत गंभीर है। उसने इमरजेंसी में इतनी सीरियस होने के बावजूद जमकर बबाल मचाया। लोगों के मत में उसके मानसिक संतुलन में बिगाड़ की चर्चाएं चल रही थीं। अंशिका को भी उपचार के लिए झांसी मेडिकल काॅलेज भेज दिया गया है। घटना को लेकर चारित्रिक कारण होने का अनुमान प्रकट किया जा रहा है।






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