कोंच-उरई। अखिलेश सरकार ने अपराधों पर कारगर ढंग से नियंत्रण करने और एक फोन कॉल पर बीस मिनट में घटना स्थल पर पुलिस को पहुंचाने के उद्देश्य से अति महत्वाकांक्षी यूपी 100 योजना का शुभारंभ किया था लेकिन हो रहा है इसका ठीक उलट। पीड़ित हो या एक्यूज, दोनों को लूटना यूपी 100 ने अपना पेशा बना लिया है। आज कोतवाली में पहुंचे एक पीड़ित की व्यथा भी कुछ ऐसी ही है। सौरभ राठौर निवासी ग्राम कूंड़ा थाना कैलिया भाड़े पर लोडर चलाने का काम करता है। कुछ लोगों ने उसका लोडर किराये पर लिया और इटावा ले गये जहां से वे मवेशी खरीद कर लोडर में लोड करके आये। बीती रात लोडर यहां पंचानन चैराहे पर पहुंचा तो सौरभ ने उन लोगों से भाड़ा और डीजल के पैसे मांगे तो उन लोगों ने कहा कि ककरौली गांव तक छोड़ो तभी भाड़ा मिलेगा, जबकि सौरभ यहीं पैसा लेना चाह रहा था। इस बात को लेकर उनमें झिकझिक होने लगी। इसी बीच सौरभ ने यूपी 100 को फोन मिला दिया। यूपी 100 आई और जानवरों को नीचे उतार कर उन लोगों से कुछ ले देकर उनके हवाले कर दिये। इसके बाद नंबर आया लोडर मालिक का, पुलिस ने उसे धमकाया कि जेब में जो कुछ भी हो उन्हें दे दो वरना उसकी लोडर मवेशी चोरी में बंद कर उसे भी हवालात में सड़ा देंगे। बेचारे सौरभ की जेब में पड़े पांच सौ रुपये ही उन पुलिस जवानों ने अपनी अंटी में कर लिये तब जाकर उसे छोड़ा। सारे मामले की शिकायत उसने कोतवाली में की है लेकिन उसे कोई न्याय नहीं मिल सका। अब वह डीआईजी और पुलिस कप्तान के यहां शिकायत करने का मन बना रहा है।






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