कोंच-उरई। वर्ष 2013-14 के लोहिया ग्राम खकल के आंगनबाड़ी केन्द्र की बुरी हालत है, इसमें न तो ठीक से दरबाजे हैं और खिड़कियां-रोशनदान टूटे पड़े हैं। इसकी ऐसी बदहाली के चलते गांव का आंगनबाड़ी केन्द्र अलहदा जगह पर चलाना पड़ रहा है। गौरतलब यह है कि यह गांव एसडीएम कोंच का गोद लिया गांव है जिसमें एसडीएम को कुपोषण के खिलाफ जंग लडने की जिम्मेदारी मिली थी। अफसर ने अपनी जिम्मेदारी किस तरह से निभाई इसका जीता जागता उदाहरण यह जर्जर और अधकचरा आंगनबाड़ी केन्द्र स्वयं है। आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री मालतीदेवी तथा सहायिका विट्टोदेवी का कहना है कि इस संबंध में कई बार अधिकारियों के संज्ञान में डाला गया लेकिन इसकी दशा नहीं सुधरने के कारण उन्हें अन्यत्र अपना केन्द्र चलाना पड़ रहा है।






Leave a comment