उरई। चोरी और सीना जोरी की कार्यप्रणाली जालौन के तेजतर्रार एसडीएम सौजन्य कुमार विकास को ले डूबी। शासन स्तर तक उनकी शोहरत की खबर पहुंचने के बाद जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय को गंभीर होना पड़ा और रातों-रात उन्हें हटाकर जालौन में नये एसडीएम को चार्ज दिलाने की जहमत उठानी पड़ गई। एसडीएम सौजन्य कुमार विकास अपनी कार्यप्रणाली की वजह से जालौन में पहले दिन से ही विवादित श्रेणी में आ गये थे। एक तो व्यापारिक कार्य पद्धति की उनकी चर्चा दूसरी ओर भाजपा नेताओं से लेकर पत्रकारों और आम जनता तक से खौखियाकर बात करने की सीना जोरी जिससे उनका विरोध बढ़ते-बढ़ते सिर के ऊपर पहुंच गया। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने समय रहते गुरुवार की रात न केवल अचानक उनसे जालौन तहसील का चार्ज छीन लिया बल्कि जिला मुख्यालय पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के रूप में संबद्ध कर उन्हें लाइन हाजिर जैसी सजा भी दे डाली। सौजन्य कुमार विकास की जगह जिलाधिकारी ने भैरव पाल सिंह को जालौन परगने का दायित्व सौंपा है। उन्हें गुरुवार की रात को ही कार्यभार ग्रहण करा दिया गया। बहुत तेजी के साथ सौजन्य कुमार की विदाई और नये एसडीएम के चार्ज से जिलाधिकारी ने मनमानी करने वाले जिले के सारे अधिकारियों को कड़ा संदेश देने में कामयाबी हासिल की है।

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