उरई । जालौन के पवन द्विवेदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में एक और पड़ाव पार करके दिखा दिया है कि उनके हौंसले में जान है जिसके चलते उनसे भारतीय प्रशासनिक सेवा के आगामी इम्तिहान में भी , जिसकी तैयारी में वे जुटे हैं , कामयाब होने की उम्मीद उनसे बेशक रखी जा सकती है ।

गोहन इंटर कालेज में शिक्षक  लक्ष्मीकांत द्विवेदी जालौन कस्बे के खंडेराव मोहल्ले में रहते हैं । सो , उनके पुत्र पवन ने इंटर की पढ़ाई स्थानीय स्वामी विवेकानन्द इंटर कालेज में पूरी की । अलबत्ता इसके बाद अपने होनहार लाड़ले को इंजीनियरिंग कराने  के लिए गाजियाबाद का कालेज चुना क्योंकि वे लाड़ले में असीम संभावनाओं के क्षितिज को निहार चुके थे ।

यह दूसरी बात है कि पवन ने परिजनों की इच्छाओं का सम्मान कर इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी अच्छी डिवीजन के साथ पास कर ली लेकिन उनका मन तो इंजीनियर बनने की बजाय प्रशासन में ऊँचा ओहदा पाने में रमा था ।

राज्य लोक सेवा आयोग में पहली ही कोशिश में उन्होने नायब तहसीलदार के रूप में चयन का अवसर हथिया लिया । माधौगढ़ तहसील में एक वर्ष तक इस नौकरी के बाद उन्होने अगले प्रयास में राज्य के सत्ता सदन के तिलिस्म में यानी सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के रूप में प्रवेश करने में सफलता प्राप्त की । लेकिन पवन उन युवाओं में नहीं हैं जो इतने से  संतुष्ट हो कर अग्रिम प्रयासों में विराम लगा दें । सो , उन्होने बताया कि अगले प्रयास के लिए उनकी निगाह भारतीय प्रशासनिक सेवा की प्रतियोगी परीक्षा पर है ।

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