जालौन-उरई । पं. जनेश्वर मिश्रजी न केवल ईमानदारी की प्रतिमूर्ति थे बल्कि सच्चे अर्थों में समाजवादी भी थे। उन्होंने अपने जीवन काल में संघर्षों का एक योद्धा की भांति डटकर मुकाबला किया। उनके विचारों को आत्मसात करने की आज के समय में महती आवश्यकता है। यह विचार पूर्व सभा नगर अध्यक्ष दीपू त्रिपाठी ने छोटे लोहिया पं. जनेश्वर मिश्र के 84वें जन्म दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम के दौरान सपा कार्यकर्ताओं के समक्ष व्यक्त किए।

पूर्व सपा नगर अध्यक्ष दीपू त्रिपाठी के आवास पर सपा कार्यकर्ताओं द्वारा पंडित जनेश्वर मिश्र का 84वां जन्म दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छोटे लोहिया के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान श्री त्रिपाठी ने कहा कि पं. जनेश्वर मिश्रजी न केवल ईमानदारी की प्रतिमूर्ति थे बल्कि सच्चे अर्थों में समाजवादी भी थे। उन्होंने अपने जीवन काल में संघर्षों का एक योद्धा की भांति डटकर मुकाबला किया।  हम सभी कार्यकर्ताओं को उनके पद चिह्नांे पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए। तो वहीं, इकबाल मंसूरी, रामेंद्र त्रिपाठी, गजराज कुशवाहा, बलवान गुर्जर व इमरान मंसूरी ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह अपने राजनैतिक जीवन में कई उच्च पदों पर पदस्थ रहे। केंद्र सरकार में पेट्रोलियम एवं रेलमंत्री के अलावा वह जहाजरानी के अध्यक्ष भी रहे। केंद्रीय मंत्री पद पर रहने के बाद भी उन्होंने ईमानदारी व सादगी की मिसाल कायम की। इतना ही नहीं वह अपने लिए एक मकान तक का निर्माण नहीं करा सके। उनका उद्ेश्य था कि समतामूलक समाज की स्थापना हो इसलिए उन्हें छोटे लोहिया के नाम से भी जाना जाता है। इस मौके पर गजराज कुशवाहा, बलवान गुर्जर, जहरूल मंसूरी, जीतू याज्ञिक, दीपू पटेल, संजीव याज्ञिक, छुन्ना पटेल आदि सहित काफी संख्या में सपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

 

 

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