
उरई| बैंक के कर्जे का बकाया धनराशि जमा करने के बाद भी जमीन की जबरन नीलामी रोकने जाने के लिए ग्रामीण ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम हरदोईराजा निवासी कमलकिशोर पुत्र लल्लूराम ने बताया कि उसके भाई आदर्श कुमार ने इलाहाबाद बैंक शाखामंडी जालौन से चार लाख 29 हजार 272 रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था जिसकी वसूली उपजिलाधिकारी जालौन के आदेश पर संग्रह अमीन से करायी गई थी। जिसमें आदर्श कुमार ने एक लाख अस्सी हजार रुपया उसके 20 मई 17 को 22 हजार रुपया जमा किए थे और रसीद भी प्राप्त की थी। किन्तु उस समय दैवीय आपदाओं के कारण फसलों का उत्पादन नही हो पाया और किसानों की ऐसी स्थिति को देखते हुए प्रदेश सरकार ने राजस्व वसूली पर रोक भी लगा दी थी कि किसी भी किसान से जबरिया वसूली न की जाए। लेकिन उपजिलाधिकारी जालौन ने संग्रह अमीनों को जबरन वसूली करने के निर्देश दिए और संग्रह अमीन बार-बार नोटिस थमाकर आदर्श की पत्नी से हस्ताक्षर कराते रहे। जिसके चलते 12 जुलाई 17 को उपजिलाधिकारी जालौन ने आधार पत्र 73 जमीन कीनीलामी का घोषणापत्र संग्रह अमीन को दे दिया। जब प्रार्थी को इस बात का पता चला तो वह एसडीएम जालौन से मिला लेकिन उन्होंने डांट फटकार कर भगा दिया। पीड़ित ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नही चल रही है। फिर भी उसने अपने भाई से बैंक ऋण का कुछ जमा करवा दिया है। इसके बाद भी उसकी जमीन नीलाम की जा रही है और अगर ऐसा हुआ तो उसके भाई का परिवार बर्बाद हो जाएगा और उसके साथ अप्रिय घटना भी घट सकती है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से जमीन नीलामी को स्थगित करने की मांग की है।






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