उरई। शिक्षकों को विद्यालयों में समय से पहुंचने के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति के विरोध में आज माध्यमिक शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेत नारायण गुट) शाखा जालौन के पदाधिकारियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर प्रभारी विद्यालय निरीक्षक मुन्नीलाल वर्मा को ज्ञापन सौपा।

डीआईओएस कार्यालय पर धरना सभा को संबोधित करते हुए संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष गिरेन्द्र सिंह कुशवाह ने विद्यालयों में बायोमैट्रिक हाजिरी को शिक्षकों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया जिस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। संगठन के जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी सर ने वर्ष 2000 से 2011 तक अनवरत कार्यरत तथा वेतन प्राप्त कर रहे शिक्षकों को विनियमित करने के आदेश जारी करने की मांग की। धरना सभा को जिलामंत्री कमाल अहमद, मंडलीय मंत्री विनोद अहिरवार के अलावा ब्रजराजसिंह परिहार, संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष अंगद सिंह तोमर, श्याममोहन मिश्रा, राजेन्द्र सिंह यादव, पुष्पेन्द्र सिंह गुर्जर, ब्रजेन्द्र कुमार अहिरवार, मानसिंह निरंजन, महेश चंद्र चैरसिया, रामप्रताप सिंह, परशुराम, ब्रजकिशोर, संजय सिंह, हरिश्चंद्र वर्मा, विजय सक्सेना ने भी संबोधित किया। धरना सभा की अध्यक्षता महेश द्विवेदी सर एवं संचालन विनोद अहिरवार ने किया।

सभा धरना के उपंरात नौ सूत्रीय मांग पत्र प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक मुन्नीलाल वर्मा को सौपा। जिसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के केन्द्रीय नेतृत्व के आवाहन पर क्रांति दिवस पर शिक्षकों ने धरना दिया। ज्ञापन में मांग की गई है कि एक अप्रैल 2005 के बाद नियुुक्त शिक्षक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना प्रदान की जाए, राज्यकर्मचारियों की भांति शिक्षकों को भी चिकित्सी सुविधा का लाभ दिया जाए, वित्त विहीन विद्यालया में कार्यरत शिक्षक कर्मचारियों की सेवा नियमावली बनाकर सम्मानजनक वेतन कोषागार उनके खाते में देने सहित कई मांगें की गई है।

 

 

 

 

Leave a comment