कदौरा (उरई )। नवजात की मौत के कारण पीड़ित परिवार भड़क गया । उसने डाक्टर व अस्पताल के अन्य स्टाफ के ख़िलाफ़ कारवाई के लिए अभियान छेड़ दिया है ।

कदौरा थाना प्रभारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि कि गर्भवती नसरीन पत्नी सगीर निवासी पुखरायां जो अपने मायके कदौरा आई हुई थी उसे  पेट में दर्द उठने नसरीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया जहां सुबह आठ बजे सात अगस्त को उसने बच्चे को जन्म दिया। लेकिन दूसरे ही दिन आठ अगस्त को प्रसूता और नवजात कर अस्पताल से डिस्चार्ज कर खदेड़ दिया गया । जब नसरीन के भाईयों ने कहा कि प्रसूता को पांच दिन रखा जाता है तो चिकित्सक ने कहा कि बेफ़िक्र होकर घर ले जाओ कोई परेशान नही है जिस पर वह प्रसूता व बच्चे को घर ले आए लेकिन दिन के 11 बजे करीब बच्चे को बुखार आ गया तो वह अस्पताल में फिर से दिखाने पहुंचे। इस दौरान  चिकित्सक ने  उसे देखने से मना कर दिया। वह लोग बराबर डाक्टर एवं नर्सो से नवजात का परीक्षण कर उपचार करने के लिए गिड़गिड़ाते रहे  लेकिन अस्पताल स्टाफ नहीं पसीजा । उनका आरोप है कि इस अवहेलना के चलते नवजात की उपचार न मिलने के कारण मौत हो गई। पीड़ितों ने नवजात की मौत के जिम्मेदार कदौरा अस्पताल के चिकित्सक एवं नर्सो के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है।

 

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