
कोंच-उरई । एक तरफ तो योगी सरकार पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को गति देने के लिये शासन द्वारा बनाई जाने बाली योजनाओं में करोड़ों खर्च रही है, तो वहीं दूसरी तरफ अस्पताल जैसी जगहें भी गंदगी और जल भराव की चपेट में हैं जिसके चलते मराजों और डॉक्टरों का अस्पतालों तक पहुंचना दूभर है। यहां नगर पालिका कार्यालय के सामने पुराने अस्पताल में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल की भी यही हालत है कि मरीजों और डॉक्टरों का अस्पताल तक पहुंचने में पसीना छूट रहा है। इस समस्या को लेकर अस्पताल के डॉक्टर तहसील दिवस में अपनी बात कहने के लिये मजबूर हैं।
पुराने अस्पताल में आयुर्वेदिक चिकित्सालय के अलावा होम्योपैथिक चिकित्सालय भी अवस्थित है लेकिन इन दोनों अस्पतालों के आसपास का माहौल इतना गंदगी से भरा है कि मरीज अगर थोड़ा बीमार है तो वहां पहुंच कर और भी बीमार हो जाये। लावारिस जैसी हालत में पड़े पुराने अस्पताल कैम्पस में चारों तरफ से जहां इलाकाई बाशिंदे अबैध अतिक्रमण करते जा रहे हैं तो तमाम लोग वहां अपने मवेशी तक बांधते हैं। झाडिय़ां और जल भराव की स्थिति के कारण वहां ऐसा लगता है जैसे कहीं कूड़ा डंप करने के फील्ड में आ गये हों। हालांकि वहां पालिका द्वारा कुछ इंटरलॉकिंग आदि कराई गई है लेकिन लेबिल बेतरतीब होने के कारण वहां जल भराव की विकट समस्या है। इसके अलाव अस्पताल की खपरैल छत से भी पानी टपकता है जिससे मरीजों और अस्पताल स्टाफ को परेशानी होती है। उक्त विभाग के अधिकारी भी कानों में तेल डाले सोये पड़े हैं। आयुर्वेदिक अस्पताल के इंचार्ज डॉ. जितेन्द्र वर्मा इस मसले को लेकर तहसील दिवस तक में अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं लेकिन अभी तक उनकी शिकायत पर किसी तरह की सुनवाई हो नहीं सकी है और भुगतना पड़ रहा है मरीजों तथा अस्पताल स्टाफ को। हालांकि ईओ नपा रवीन्द्रकुमार से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा है कि जल्दी ही गंदगी साफ कराई जायेगी और वहां कूड़ादान की व्यवस्था कराई जा रही है। इसके अलावा जल भराव की समस्या से निपटने के लिये वहां ड्रेनेज की व्यवस्था भी शीघ्र ही कराई जायेगी।
अधिकारियों के संज्ञान में डाला गया है मामला-डॉ. वर्मा
आयुर्वेदिक अस्पताल के आसपास गंदगी और जल भराव की समस्या को लेकर चिकित्सालय प्रभारी डॉ. जितेन्द्र वर्मा कहते हैं इससे लोगों को काफी दिक्कतें पेश आ रहीं हैं। उन्होंने बताया कि विगत दस-ग्यारह बर्षों से यहां 15 शैयाओं का आयुर्वेदिक अस्पताल लोगों को सेवायें दे रहा है और कमोवेश पचास से सत्तर मरीज प्रतिदिन यहां दिखाने आते हैं।





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