
कोंच-उरई। नदीगांव के दादी कृपालसिंह महाविद्यालय में राष्ट्रीय स्तर का दंगल का आयोजन कजली महोत्सव के उपलक्ष्य में किया गया जिसमें देश के कई नामचीन पहलवानों ने अपने दांव पेंच दिखा कर वाहवाही लूटी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक मूलचंद्र निरंजन ने दंगल के आयोजन को बुंदेलखंड की स्थापित परंपरा का हिस्सा बताते हुये कहा कि ऐसे आयोजनों से हमारी परंपराओं और संस्कृति अक्षुण्ण रखने में काफी मदद मिलती है।
कजली महोत्सव के मौके पर नदीगांव में अखिल भारतीय बिशाल दंगल का आयोजन कुं. अभिमन्यु सिंह परिहार डिंपल द्वारा किया गया कस्बा नदीगांव में पहली बार आयोजित इतने विशाल दंगल में बाहर से आये नामी गिरामी पहलवानों को देखने के लिये भारी भीड़ जुटी थी। दंगल में महाराष्ट्र, हरियाणा, आगरा, मथुरा, भिंड, दतिया, ग्वालियर, झांसी सहित जिला जालौन के कुठौंदा आदि जगहों के लब्धप्रतिष्ठ पहलवानों ने दांव पेंच दिखा कर एक हजार से लेकर चालीस हजार तक की कुश्तियों का शानदार प्रदर्शन किया। जनार्दन कुठौंदा अंकित झांसी, अशु, रूपसिंह, संतोष सेवढा, निक्की, बुंदेलखंड केसरी धर्मवीर, कर्मवीर झांसी, दतिया मध्य प्रदेश केसरी संजू, जाबेद हरियाणा सहित लगभग आधा सैकड़ा कुश्तियां हुई। सबसे रोमांचक आखिरी कुश्ती हरियाणा केसरी एवं बुंदेलखंड केसरी के बीच चालीस हजार रुपए की पंद्रह मिनट का समय देकर हुयी जिसे बुंदेलखंड केसरी कर्मवीर झांसी ने पांच मिनट से भी कम समय में जीत ली। वहां मौजूद हजारों दर्शकों ने सभी पहलवानों का ताली बजाकर उत्साह बढाया। अतिथियों में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष द्वय उदयसिंह पिंडारी, बृजभूषण सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि नदीगांव चंदनसिंह पाल, एसओ नदीगांव रवीन्द्र त्रिपाठी, क्षेत्र के तमाम प्रधान बीडीसी, गणमान्य नागरिक एवं उत्साही युवा मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत एवं सभी वयवस्थाओं में आयोजन कमेटी के लोगों ने बढ चढ कर सहयोग किया। अंत में संरक्षक कुं. अर्जुन सिंह परिहार, दादी कृपालसिंह महाविद्यालय के प्रबंधक कुं. अनुरुद्घसिंह परिहार ने सभी अतिथियों, पहलवानों तथा उमड़े जन सैलाब का आभार व्यक्त किया। दंगल का संचालन पहलवान तिवारी कुठौंदा ने किया तथा रेफरी आनंद नायक बुढावली रहे।





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