कोंच। भारतीय किसान यूनियन ने प्रशासन को आगाह किया है कि अन्ना जानवर किसानों की फसलें नष्टï कर रहे हैं लिहाजा इन पर कारगर ढंग से पाबंदी लगाई जाये। यूनियन ने दो टूक कहा है कि गांवों में प्रशासन मुनादी कराये कि लोग अपने जानवर घरों में बांधें, जिनके जानवर छुट्टा घूमते मिलें उनसे हर्जाना बसूला जाये। यूनियन ने खरीफ की फसलों को लेकर कहा कि बारिश के कारण फसलें नष्टï हो चुकीं हैं लिहाजा प्रशासन सर्वेक्षण करा कर किसानों को मुआवजा दिलाये।
भाकियू की मासिक पंचायत यहां गल्ला मंडी के सभाकक्ष में रामलखन इटा की अध्यक्षता, यूनियन के राष्टï्रीय उपाध्यक्ष बलरामसिंह लंबरदार के मुख्य आतिथ्य तथा प्रदेशीय अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन के बिशिष्टï आतिथ्य में संपन्न हुई। पंचायत के दौरान अन्ना जानवरों की समस्या चर्चा के केन्द्र में रही, यूनियन ने इसके समाधान के लिये प्रशासन को व्यवस्था करने के लिये कहा है। लंबरदार ने कहा कि यह समस्या किसानों के लिये बड़ी मुसीबत बनी है ऐसे में प्रशासन को चाहिये कि गांवों में मुनादी कराये ताकि लोग अपने मवेशियों को बाड़ों में बांध कर रखें और जिनके जानवर छुट्टा मिलें उनसे हर्जाना बसूला जाये। प्रदेश अध्यक्ष जादौन ने कहा कि खरीफ की फसलों से किसानों को काफी उम्मीदें थीं लेकिन अधिक बर्षा के कारण फसलें नष्टï हो चुकी हैं अत: प्रशासन सरकार से मुआवजा दिलाये। विगत सात बर्षों से दैवीय आपदा के शिकार किसान सरकारी कर्ज चुका पाने की स्थिति में नहीं हैं लिहाजा सभी किसानों के कर्जे एक कलम से माफ किये जायें। इसके अलावा पंचायत में बिजली समस्या और सहकारी समितियों पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की भी मांग उठी। इस दौरान डॉ. केदारनाथ सिमिरिया, ब्रजेशसिंह राजपूत, रामकुमार पटेल, डॉ. द्विजेन्द्र, लल्लूराम, शारदा मास्टर, डॉ. पीडी निरंजन, चतुरसिंह पटेल, भगवानसिंह कुशवाहा, रामकिसुन, श्यामसुंदर, वीरेन्द्र शाह, रामप्रताप, प्रतापसिंह, कुंजविहारी, कौशल किशोर, मुकेश, प्रमोद, मानसिंह, वीरेन्द्र आदि मौजूद रहे।

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