उरई। दबंगों द्वारा बीच रास्ते में मवेशी बांधकर अराजकता फैलाने और पंचायत के हर काम में अडंगेबाजी करने से परेशान महिला प्रधान ने गुरुवार को जिले के अधिकारियों को ज्ञापन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नदीगांव ब्लाॅक के गोबर्धनपुरा गांव की प्रधान राजेश्वरी देवी के पति और पुत्र सर्विस करने के कारण बाहर रहते हैं। इसलिए घर से पंचायत तक की जिम्मेदारी उन्हें अकेले संभालनी पड़ती है। राजेश्वरी देवी ने अपनी ग्राम पंचायत में आदर्श व्यवस्था बनाने के लिए कटिबद्ध होकर कार्य किया है। जिससे आमतौर पर ग्रामीण उनके बेहद प्रशंसक हैं। लेकिन कुछ विघ्न संतोषियों को प्रधान की कार्यप्रणाली रास नही आ रही। ऐसे ही मुन्ना लाल पुत्र राजाराम व शिवकुमार पुत्र हरीराम गांव का माहौल अपनी दबंगई से खराब किये हुए हैं। वे बीच रास्ते में चैपे बांधते हैं जिससे लोगों को आवागमन में तो समस्या होती ही है साथ ही गंदगी का साम्राज्य भी व्याप्त रहता है। राजेश्वरी देवी ने दबंगों को समझाबुझा कर राह पर लाने की कोशिश की तो उन्होंने और ज्यादा उपद्रव शुरू कर दिये। दरअसल दबंग राजेश्वरी देवी पर दबाव बनाकर पंचायत की योजनाओं का अनुचित तरीके से लाभ उठाना चाहते हैं जबकि राजेश्वरी देवी पात्रता की शर्तों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। जिससे वे नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए झुकने को तैयार नही हैं। इस आपाधापी में गांव का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो चला है। दबंगों ने कथित रूप से राजेश्वरी देवी व उनके परिजनों को अर्दब में लेेने के लिए अनुसूचित जाति उत्पीड़न और अन्य मामलों में फंसाने की कई बार धमकियां दी। पानी सिर से ऊपर चढ़ता देख राजेश्वरी देवी ने अंततोगत्वा आज जिला मुख्यालय पर आकर डीएम और एसपी को ज्ञापन दिये। जिसमें दबंगों के कारनामों की पूरी चर्चा करते हुए अधिकारियों से आरोपियों के त्राण से मुक्ति की गुहार लगाई।





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