उरई। अपनी ट्रैक्टर एजेंसी के लेन-देन को लेकर दिव्यांग किसान को बंधक बनाकर उसके साथ अमानुषिक पिटाई के मामले में गिरफ्तार किये गये पूर्व विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह को शुक्रवार को माधौगढ़ पुलिस ने उनकी लंबी-चौड़ी क्रिमिनल हिस्ट्री के साथ अदालत में पेश किया लेकिन उनके खिलाफ दर्ज धाराओं में सात वर्ष से कम की सजा होने के कारण अदालत ने उनको जमानत दे दी। उधर उनकी गिरफ्तारी के बाद थाने पर हमला कर पुलिस कर्मियों को घायल किये जाने के मामले में अलग मुकदमा दर्ज हो रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ और डीजीपी सुलखान सिंह पुलिस पर बात-बात में हमले के दुस्साहस की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मंशा जता चुके हैं। इसलिए माधौगढ़ थाने पर पूर्व विधायक को छुड़ाने के लिए पथराव की हुई जुर्रत पर बड़ा एक्शन लेने की तैयारी पुलिस द्वारा की जा रही है। बताये गये घटना क्रम के अनुसार बृजेंद्र प्रताप सिंह माधौगढ़ में सोनालिका ट्रैक्टर एजेंसी का संचालन करते हैं। जहां से कुछ दिनों पहले रेढ़र थाने के पजौनिया गांव निवासी हरविजय सिंह भदौरिया ने उधार ट्रैक्टर खरीदा था जिसका 1 लाख 30 हजार रुपया बकाया रह गया था। फसल बिगड़ जाने की वजह से हरविजय सिंह उनसे हिसाब चुकता करने के लिए मोहलत मांग रहा था जबकि वे तत्काल तगादा देने की जिद पर अड़े थे। इस बीच गुरुवार को हरविजय सिंह जो कि दिव्यांग है अपनी सिम को आधार कार्ड से लिंक कराने भाई सुमित सिंह के साथ माधौगढ़ आया। आरोप है कि माधौगढ़ में मंडी के सामने से बृजेंद्र प्रताप सिंह ने हरविजय सिंह और सुमित सिंह का अपहरण कर लिया और उठाकर उन्हें अपने आवास पर लाये जहां दोनों की कई लोगों द्वारा बर्बर पिटाई शुरू कर दी गई। इस दौरान सुमित किसी तरीके से उनके चंगुल से भाग निकला और उसने 100 नंबर डायल करके पुलिस को सूचना दी। तब पुलिस ने जाकर हरविजय सिंह की जान बचाई और उसका मेडिकल चैकप कराया। साथ ही मौके से बृजेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बाद में बृजेंद्र प्रताप सिंह के लोगों ने थाने पर पत्थरबाजी करते हुए हमला बोल दिया जिसमें कोतवाल रुद्रकुमार सिंह तक के साथ हाथापाई की गई। भीषण पत्थरबाजी में थाने के चार कांस्टेबिल संदीप, रोहित रावत, राजकुमार और बलवीर घायल हो गये। शांति व्यवस्था अस्त-व्यस्त होने के बाद पीएसी और कई थानों की फोर्स को बुलवाना पड़ा। पुलिस ने आज बृजेंद्र प्रताप को जब कोर्ट में पेश किया तो जज को उनके विरुद्ध दर्ज एक दर्जन से ज्यादा मुकदमों से अवगत कराया। पुलिस की ओर से बताया गया कि बृजेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ गुंडा एक्ट की भी कार्रवाई हो चुकी है। शिक्षक नेता गिरेन्द्र सिंह कुशवाह पर उनके द्वारा किये गये कथित हमले की वजह से पूरे प्रदेश में तनाव व्याप्त हो गया था और सारे शिक्षक विधायक धरना देने के लिए आ गये थे। उन्हें सरकारी काम में रुकावट डालने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमले करने का अभ्यस्त साबित करने की कोशिश पुलिस द्वारा कोर्ट में हुई पर उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमों की धाराएं हल्की होने को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। लेकिन लगता है कि इस मामले में पुलिस का इकबाल बुलंद रखने के लिए डीजीपी की ओर से एनएसए जैसे लंबे निरोधात्मक कदम का फरमान जिला पुलिस के पास आ सकता है।

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