उरई। रामपुरा थाने के पुलिस कर्मी की सराहना की गूंज पड़ोस के इटावा और मध्य प्रदेश के भिंड जनपद तक में रेत माफियाओं के बीच सुनी जा सकती है। उनका मानना है कि यह पुलिस कर्मी अपनी बात का पक्का है। अगर मेहनताना लेता है तो खुद ट्रकों के आगे-आगे चलकर उन्हें सुरक्षित थाना क्षेत्र की सीमा के बाहर तक छोड़ने में भी कोताही नही करता। उनकी निगाह में पुलिस विभाग को ऐसे ही कर्मठ कर्मियों की जरूरत है। रामपुरा थाने में कई महीने पहले पदस्थ जीप चालक प्रदीप कुमार यादव से कीड़े-मकोड़े की श्रेणी में आने वाले नाचीज आम लोग भले ही नाराज रहते हों लेकिन उद्यमी उसे भक्तन के बल राम से कम नही समझते। आखिर जो लोग सरकार और प्रशासन की रोके के बावजूद आर्थिक कारगुजारियों का चक्का घुमाने की जुर्रत रखते हों उनसे बड़ा उद्यमी कोई नही होगा। उनका कहना है कि प्रदीप कुमार यादव की ही दिलेरी है जिसकी वजह से उन्हें अवैध खनन में कोई रुकावट महसूस नही हो रही है। क्षेत्रीय लोगों ने भी बताया कि रात में प्रदीप कुमार यादव चोरी से बालू ले जाने वाले ट्रकों को पायलट करता है। यही नही प्रदीप कुमार यादव के ही संरक्षण में नरौल और हनुमंतपुरा के बीच खराब हो चुके रोड को जेसीबी के जरिये खड़े होकर बनवाया जा रहा है तांकि मध्यप्रदेश में काली सिंध नदी से खोदकर लाई जाने वाली अवैध बालू को निनावली घाट से सुगमता पूर्वक अपने क्षेत्र में प्रवेश कराने की व्यवस्था बहाल कर सके। गौरतलब यह भी है कि अभी महाराजपुरा पुल से होकर बालू के ट्रक रामपुरा क्षेत्र में आते हैं लेकिन भगवंतपुरा के आगे पुलिया टूट जाने से यह संभव नही रह गया। जिससे रेत माफियाओं को हो रहा दुख दया निधान रामपुरा थाने के ड्राइवर से देखा नही गया और उसने अपनी देखरेख में सड़क निर्माण शुरू करा दिया। प्रदीप कुमार यादव खुले आम कहता है कि उसे जो रोक पाये रोक कर दिखा दे। ऐसे बहादुर और उद्यमिता विकास के लिए समर्पित पुलिस कर्मी को अधिकारियों से उचित पदोन्नति प्रदान करने की अपेक्षा की जा रही है।

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